रोहित और कोहली की जानिए आखिर क्यों पाक पूर्व कप्तान इंजमाम उल हक ने की आलोचना - क्रिकट्रैकर हिंदी

रोहित और कोहली की जानिए आखिर क्यों पाक पूर्व कप्तान इंजमाम उल हक ने की आलोचना

इंजमाम उल हक ने भारत के टॉस जीतने के बाद पहले बल्लेबाजी करने के फैसले पर भी सवाल खड़े किए हैं।

Rohit Sharma, Virat Kohli, and Inzamam-ul-Haq. (Photo Source: Getty Images)
Rohit Sharma, Virat Kohli, and Inzamam-ul-Haq. (Photo Source: Getty Images)

पाकिस्तान टीम के पूर्व कप्तान इंजमाम उल हक ने इंग्लैंड और भारत के बीच लीड्स के मैदान पर खेले जा रहे सीरीज के तीसरे टेस्ट मैच के पहले दिन रोहित शर्मा और विराट कोहली के रक्षात्मक रवैये के लेकर आलोचना की है। पूर्व खिलाड़ी ने दोनों की आलोचना करते हुए कहा कि इन 2 दिग्गज खिलाड़ियों से इस तरह की सोच की उम्मीद नहीं थी।

भारतीय कप्तान विराट कोहली ने लीड्स टेस्ट मैच में टॉस जीतने के बाद पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया जिसके बाद टीम बेहतर प्रदर्शन नहीं कर सकी और सिर्फ 2 सत्रों के खेल में 78 रन के स्कोर पर पूरी भारतीय टीम पवेलियन लौट चुकी थी। यह पिछले 1 साल के अंदर भारतीय टीम का दूसरा सबसे कम स्कोर है।

इंजमाम उल हक ने तीसरे टेस्ट मैच के पहले दिन के खेल के बाद अपने यूट्यूब चैनल के जरिए कहा कि जब कोई बल्लेबाज 25 से 30 गेंदों का सामना कर लेता है, तो उसे पिच का व्यवहार अच्छी तरह से पता चल जाता है। लेकिन भारतीय बल्लेबाजों ने इंग्लैंड के गेंदबाजों पर किसी तरह का दबाव नहीं डाला।

आप 105 गेंदों का सामना करने के बाद नहीं कह सकते कि आप सहज नहीं है

पूर्व पाकिस्तानी कप्तान ने भारतीय टीम के 2 दिग्गज बल्लेबाजों रोहित शर्मा और विराट कोहली के खेलने के तरीके पर भी आलोचना की। उन्होंने रोहित शर्मा को लेकर कहा कि वह 105 गेंदों का सामना करने के बाद भी सिर्फ 19 रन ही बना सके और अपनी पारी के दौरान उन्होंने एक बार भी इंग्लैंड के गेंदबाजों के खिलाफ किसी तरह का आक्रामक रुख नहीं अपनाया। वहीं, कोहली जिन्होंने 17 गेंदों का सामना किया, वह जेम्स एंडरसन का शिकार फिर से बनते हुए देखे गए।

इंजमाम ने भारतीय कप्तान विराट कोहली के टॉस जीतने के बाद पहले बल्लेबाजी के भी फैसले को लेकर सवाल खड़े किए जिसमें उनके अनुसार भारत को इंग्लैंड की कमजोर बल्लेबाजी को देखते हुए पहले गेंदबाजी करने का फैसला करना चाहिए था, ताकि लॉर्ड्स टेस्ट मैच में मिली जीत के बाद हासिल मानसिक बढ़त का भी लाभ लिया जा सके, लेकिन ऐसा देखने को नहीं मिला।