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आईपीएल 2018: में सट्टेबाजी पर बीसीसीआई को मद्रास हाईकोर्ट से कानूनी नोटिस

मद्रास उच्च न्यायालय ने टूर्नामेंट से जुड़े सट्टेबाजी की चिंताओं के बारे में बीसीसीआई को एक कानूनी नोटिस भेजा है

IPL trophy. (Photo Source: Twitter)
IPL trophy. (Photo Source: Twitter)

इंडियन प्रीमियर लीग के 2018 सीजन शुरू होने में बस कुछ दिन ही बाकी है. भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) इस टूर्नामेंट को एक बड़ी हिट बनाने की कोशिश में कोई कसर नहीं छोड़ी है. हालांकि, श्रृंखला के प्रारंभ से पहले, बोर्ड को टूर्नामेंट के बारे में कानूनी नोटिस मिल गया है जो मद्रास उच्च न्यायालय ने भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड को ये नोटिस जारी किया है.

मद्रास उच्च न्यायालय ने टूर्नामेंट से जुड़े सट्टेबाजी की चिंताओं के बारे में बीसीसीआई को एक कानूनी नोटिस भेजा है. आईपीएल 2018 को रद्द करने के लिए अदालत में दायर एक याचिका की सुनवाई हुई थी लेकिन भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड ने सट्टेबाजी और स्पॉट फिक्सिंग को रोकने के लिए अच्छा निवारक उपायों का आश्वासन दिया था.

स्पॉट फिक्सिंग और सट्टेबाजी किसी भी क्रिकेट टूर्नामेंट के लिए दो बड़ी समस्या हैं. और आईपीएल इससे अछूता नहीं है. सालो पहले फिक्सिंग के मामले और सट्टेबाजी मामले में अधिकारियों द्वारा रिपोर्ट की गई थी. आईबी टाइम्स के रिपोर्ट के मुताबिक 2013 में स्पॉट फिक्सिंग के मामले में जांच में शामिल भारतीय पुलिस सेवा अधिकारी संपतकुमार ने अपने सार्वजनिक हित याचिका में आरोप लगाया कि “निहित स्वार्थ अभी भी आईपीएल में संरक्षित होने के लिए जारी है” और भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) इन सब सवाल से अनजान हैं”.

साल 2013 में एस श्रीसंत सहित राजस्थान रॉयल्स के तीन खिलाड़ियों को स्पॉट फिक्सिंग स्कैंडल में पकड़ा गया था. स्पॉट फिक्सिंग में इन क्रिकेटरों की भागीदारी की पुष्टि के बाद बीसीसीआई ने उन्हें जीवन के लिए प्रतिबंधित कर दिया. श्रीसंत ने कुछ रन देने के लिए स्पॉट फिक्सिंग की थी और पैसे लिए थे. जिसमें वह दोषी पाए गए.

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