IPL 2022: राजस्थान रॉयल्स (RR) से मिली करारी हार के बाद सनराइजर्स हैदराबाद (SRH) को लगा एक और बड़ा झटका
SRH के कप्तान केन विलियमसन पर RR के खिलाफ धीमी ओवर गति के लिए जुर्माना लगाया गया!
अद्यतन - Mar 30, 2022 4:13 pm

सनराइजर्स हैदराबाद (SRH) के लिए इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) के जारी 15वें सीजन में शुरुआत अच्छी नहीं रही। राजस्थान रॉयल्स (RR) ने आईपीएल (IPL) 2022 में अपने पहले मैच में सनराइजर्स हैदराबाद (SRH) के चारो खाने चित करते हुए में 62 रनों से जीत दर्ज कर प्रतियोगिता में विजयी शुरुआत की।
जारी आईपीएल (IPL) 2022 का पांचवा मैच 29 मार्च को पुणे के एमसीए स्टेडियम में खेला गया, और प्रशंसक अपने पसंदीदा सितारों को नए रंगों में एक्शन में देखने के लिए उत्साह से गुलजार थे। लेकिन परिस्थति उम्मीद से परे निकली, क्योंकि केन विलियमसन की अगुवाई वाली सनराइजर्स हैदराबाद (SRH) के लिए संजू सैमसन की अगुवाई वाली राजस्थान रॉयल्स (RR) को इस एकतरफा आईपीएल मुकाबले में संभालना मुश्किल साबित हुआ।
पुणे के एमसीए स्टेडियम में RR के बल्लेबाजों ने SRH के गेंदबाजी आक्रमण को जमकर धोया और टीम को 210/6 पर पहुंचा दिया। जिसके बाद SRH के बल्लेबाजों के पास RR के गेंदबाजी आक्रमण का कोई जवाब नहीं था, नतीजन केन विलियमसन की अगुवाई वाली हैदराबाद टीम को राजस्थान के खिलाफ 61 रनों की शिकस्त झेलनी पड़ी।
केन विलियमसन पर लगा जुर्माना
SRH के लिए इस सीजन की शुरुआत पहले ही खराब रही और अब उनके कप्तान केन विलियमसन पर पहली पारी के दौरान धीमी ओवर गति बनाए रखने के लिए 12 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। वह मुंबई इंडियंस (MI) के कप्तान रोहित शर्मा के बाद जारी आईपीएल (IPL) 2022 में इस अपराध का दोषी पाए जाने वाले दूसरे कप्तान बने।
बीसीसीआई (BCCI) ने 30 मार्च को एक बयान में कहा, “सनराइजर्स हैदराबाद पर 29 मार्च को महाराष्ट्र क्रिकेट एसोसिएशन स्टेडियम, पुणे में राजस्थान रॉयल्स के खिलाफ अपने टाटा इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) 2022 मैच के दौरान धीमी ओवर गति बनाए रखने के बाद जुर्माना लगाया गया है। चूंकि यह आईपीएल की आचार संहिता के तहत न्यूनतम ओवर रेट अपराधों से संबंधित सीजन का टीम का पहला अपराध था, सनराइजर्स हैदराबाद के कप्तान केन विलियमसन पर 12 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया।”
आपको बता दें, ओवर रेट के नियम काफी कड़े हैं और इसलिए कप्तानों को घड़ी पर नजर रखनी चाहिए। पहली बार अपराध करने पर उन्हें 12 लाख रुपये का जुर्माना मिलेगा, जबकि यदि किसी टीम का कप्तान दो बार अपराध करता पाया जाता है, तो राशि दोगुनी (रुपये 24 लाख) हो जाएगी। यदि ये अपराध तीसरी बार होता है, तो न केवल अधिकारी 30 लाख रुपये का जुर्माना लगाएंगे, बल्कि कप्तान को एक मैच के लिए प्रतिबंधित भी कर दिया जाएगा, और खिलाड़ियों को दूसरे अपराध के बाद से जुर्माना भी भरना होगा।