IPL 2024: इस स्टेडियम में आईपीएल के मैच और टिकट बिक्री पर लगेगा रोक, बीसीसीआई के लिए बुरी खबर!
मुलांपुर स्टेडियम में बीसीसीआई-पीसीए को आईपीएल मैचों के आयोजन और मैच टिकटों की बिक्री पर तत्काल रोक लगाने की भी मांग की गई है।
अद्यतन - Apr 8, 2024 3:52 pm

चंडीगढ़ में स्थित Mullanpur stadium को लेकर बुरी खबर सामने आ रही है। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) और अन्य संबंधित पक्षों को मुल्लांपुर, मोहाली (Mullanpur stadium) के महाराजा यादवेंद्र सिंह क्रिकेट स्टेडियम में क्रिकेट मैच आयोजित करने पर रोक लगाई जाएगी। दरअसल, मैच रोकने के लिए पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय में एक जनहित याचिका (जनहित याचिका) दायर की गई है। वकील सुनैना ने हाई कोर्ट में यह याचिका दायर की है।
मुल्लांपुर स्टेडियम को बनाने में कहां हुई है गलती?
अब सवाल है कि क्रिकेट के मैचों को लेकर ऐसी क्या समस्या है? आपको बता दें कि, साल 2021 में बना यह स्टेडियम 41 एकड़ तक फैला है और 33,000 लोग इस स्टेडियम में बैठकर मैच देख सकते हैं। लेकिन निखिल थम्मन नाम के लॉ स्टूडेंट ने अपनी जनहित याचिका में पंजाब राज्य और अन्य उत्तरदाताओं पर निशाना साधते हुए कहा है कि स्टेडियम का निर्माण “अनधिकृत” था।
निखिल ने जो मुद्दा उठाया है उसमें कुछ बातें हाइलाइट की हैं, आइए देखें-
- उसका कहना है कि केंद्रीय पर्यावरण और वन मंत्रालय द्वारा जारी साल 2006 में पर्यावरण संरक्षण को लेकर जो अधिसूचना जारी की गई थी उसका उल्लंघन किया गया है। साफ-साफ में बात करें तो निखिल का कहना है की स्टेडियम को सही प्रोटोकॉल फॉलो करके नहीं बनाया गया है।
- यही नहीं, उन्होंने यह भी दावा किया कि अधिकारियों ने राष्ट्रीय वन्यजीव बोर्ड से वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 के तहत अनिवार्य वन और वन्यजीव मंजूरी भी प्राप्त नहीं की।
- उनकी जनहित याचिका के अनुसार, यह प्रोजेक्ट चंडीगढ़ के सेक्टर 21 में पक्षी अभयारण्य (bird sanctuary) के 10 किमी के दायरे में आती है।
आईपीएल मैच ना करने का किया अनुरोध
याचिकाकर्ता ने बीसीसीआई-पीसीए को इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) मैचों के आयोजन से प्रतिबंधित करने के निर्देश देने का भी अनुरोध किया। इसके अलावा, उन्होंने बीसीसीआई द्वारा आईपीएल के लिए मैच टिकटों की बिक्री पर तत्काल रोक लगाने की भी मांग की। आपको बता दें कि, पंजाब किंग्स ने आईपीएल 2024 में अपना पहला मैच 23 मार्च को दिल्ली कैपिटल्स के खिलाफ मुल्लांपुर स्टेडियम में ही खेला था।
याचिकाकर्ता के अनुसार, 14 सितंबर, 2006 की अधिसूचना में कहा गया था कि 1.5 लाख वर्ग मीटर निर्मित क्षेत्र से अधिक प्रोजेक्ट्स के निर्माण के लिए केंद्र सरकार से पर्यावरण मंजूरी लेनी होगी। उन्होंने 15 मार्च, 2011 को पर्यावरण और वन मंत्रालय द्वारा जारी निर्देशों का भी उल्लेख किया। पत्र में कहा गया है कि यदि परियोजना स्थल पर्यावरण-संवेदनशील क्षेत्र ज़ोन या उसके 10 किमी के भीतर् में है, तो उपयोगकर्ता एजेंसी को राष्ट्रीय वन्यजीव बोर्ड की स्थायी समिति से पूर्व मंजूरी लेनी होगी। अब इसपर आगे कोर्ट क्या फैसला लेती है इसका इंतेजार रहेगा।