ऑलराउंडर दीपक हुड्डा के सबसे बड़े फैन हैं इरफान पठान
अपने डेब्यू वनडे मैच में दीपक हुड्डा ने 32 गेंदों में बनाए नाबाद 26 रन।
अद्यतन - Feb 7, 2022 5:25 pm

अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी क्रिकेट स्टेडियम में टीम इंडिया का 1000वां वनडे मैच यादगार रहा क्योंकि मेन इन ब्लू ने वेस्टइंडीज को छह विकेट से हरा दिया। हालांकि मैच अधिक रोमांचक नहीं रहा, क्योंकि भारत ने तीन विभागों में विंडीज टीम पर अपना दबदबा बनाया। यह रोहित शर्मा का पूर्णकालिक एकदिवसीय कप्तान के रूप में पहला मैच भी था और वहां वो इससे बेहतर परिणाम की उम्मीद नहीं कर सकते थे।
इस बीच, मैच में डेब्यू कर रहे दीपक हुड्डा उन कई भारतीय खिलाड़ियों में शामिल थे, जो इस मुकाबले में प्रभावशाली करने में कामयाब रहे। हालांकि ऑलराउंडर को गेंदबाजी करने का मौका नहीं मिला, लेकिन वह अपने बल्ले से छाप छोड़ने में कामयाब रहे। छठे नंबर पर बल्लेबाजी करने आए, दीपक ने कुछ आकर्षक शॉट्स खेले और 32 गेंदों में नाबाद 26 रन बनाए। उनकी छोटी सी लेकिन प्रभावशाली पारी में कुछ बाउंड्री भी शामिल थी।
हुड्डा अपने प्रदर्शन से काफी खुश नजर आए और पूर्व भारतीय ऑलराउंडर इरफान पठान भी। पठान ने ट्रैफिक में फंसने के बावजूद टीम इंडिया की जर्सी में हुड्डा की पहली पारी को मिस नहीं किया। पूर्व ऑलराउंडर ने उसी की एक तस्वीर साझा की। जूनियर पठान ने ट्वीट करते हुए तस्वीर साझा कि और लिखा कि, “भारत के लिए उनकी पहली पारी को किसी भी चीज के लिए छोड़ नहीं कर सकता था। #TRAFFIC #travel,”
यहां देखिए दीपक हुड्डा को लेकर इरफान पठान का वह ट्वीट
Couldn’t have missed his debut inning for India for anything. #TRAFFIC #travel pic.twitter.com/LCfiAwGf5t
— Irfan Pathan (@IrfanPathan) February 6, 2022
बता दें कि पठान और हुड्डा दोनों बड़ौदा से हैं। पठान 26 वर्षीय हुड्डा को अपने शुरुआती दिनों से ही अहम सलाह देते आ रहे हैं। इससे पहले दिन में, इरफान ने अपने साथी बड़ौदा को अपनी पहली टीम इंडिया कैप हासिल करने के लिए बधाई दी थी और एक ट्वीट भी किया था।
Congratulations my boy @HoodaOnFire 😇 Now make it count. #debut
— Irfan Pathan (@IrfanPathan) February 6, 2022
इस बीच, हुड्डा ने हाल ही में एक खुलासा किया था कि इरफान और उनके बड़े भाई यूसुफ ने उनकी सफलता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। उन्होंने इंडियन एक्सप्रेस के हवाले से कहा कि, “लोग सोचते थे, और शक करते थे, काफी बातें होती थी, लेकिन इरफान भाई हमेशा मुझे एक लाइन कहते थे, अपना समय आएगा। मैं धीरे-धीरे इरफान भाई और यूसुफ (पठान) भाई के करीब आ गया। उन्होंने मुझे शांत रहना सिखाया, उन्होंने मुझे शांति की शक्ति का एहसास कराया।”