‘मैं करीब एक महीने तक फूट-फूट कर रोता रहा…’- अपने करियर के बुरे दौर को याद कर इमोशनल हुए इशांत शर्मा
साल 2013 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ वनडे मैच में एक ओवर मे इशांत शर्मा ने 30 रन दिए थे।
अद्यतन - फरवरी 26, 2023 6:05 अपराह्न

टीम इंडिया के अनुभवी तेज गेंदबाज इशांत शर्मा ने अपने करियर में भारत के लिए कई मौकों पर शानदार प्रदर्शन किया है। इशांत शर्मा ने शानदार गेंदबाजी कर टेस्ट क्रिकेट का स्तर बढ़ाया है। इशांत शर्मा उन चुनिंदा तेज गेंदबाजों में से एक हैं जिन्होंने 100 टेस्ट मैच खेले हैं। हालांकि टेस्ट की तरह इशांत व्हाइट बॉल क्रिकेट में अपना करियर नहीं बना पाए।
इस बीच इशांत शर्मा ने हाल ही में अपने क्रिकेट करियर के बुरे दौर को याद करते हुए कुछ हैरान करने वाला खुलासे किए हैं। उन्होंने बताया कि उनके जीवन में एक समय ऐसा भी था जब वह करीब 1 महीने तक फूट-फूट कर रोते रहे थे।
टीम की हार का कारण मैं था- इशांत शर्मा
इशांत शर्मा हाल ही में क्रिकबज के राइज ऑफ न्यू इंडिया शो पर अपने करियर के सबसे खराब दौर को याद करते हुए नजर आए। साल 2013 में भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच वनडे मैच खेला जा रहा था। ऑस्ट्रेलिया रन चेज में उस वक्त बुरी स्थिति में थी। आखिरी 3 ओवर में टीम को 44 रनों की जरूरत थी। उस वक्त इशांत शर्मा ने एक ओवर में 30 रन लुटा दिए थे।
इशांत शर्मा ने मैच के बारे में बात करते हुए कहा, ‘मेरा सबसे खराब पल 2013 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ मोहाली में खेला गया मैच था। मुझे नहीं पता कि क्या इससे बुरा वक्त मेरे लिए कभी हो सकता है। यह मेरे लिए कठिन था। और ऐसा इसलिए नहीं था कि मैंने बहुत रन दिए थे, जिस चीज ने मुझे सबसे ज्यादा आहत किया वह थी कि टीम की हार का कारण मैं था। मैं उस वक्त अपनी पत्नी को डेट कर रहा था। मुझे याद है करीब एक महीने तक मैं रोज उससे फोन पर बात करते हुए रोता था।’
माही भाई और शिखर ने किया था सपोर्ट- इशांत शर्मा
उसके बाद इशांत शर्मा काफी समय तक उस हार के लिए खुद को जिम्मेदार मानते रहे। इशांत शर्मा ने खुलासा किया कि, उस समय कप्तान महेंद्र सिंह धोनी और शिखर धवन उनसे बात करने आए थे। और उन्होंने इशांत का हौसला बढ़ाया था।
इशांत ने क्रिकबज पर आगे कहा, ‘सबसे अच्छी चीज हुई थी वह थी कि माही भाई और शिखर धवन मेरे रूम में आए। और उन्होंने कहा, देख तू अच्छा खेल रहा है। लेकिन उस एक मैच के बाद शायद सबको लगने लगा कि मैं एक व्हाइट बॉल गेंदबाज नहीं हूं।’