बांग्लादेश के खिलाफ अपनी पारी से काफी खुश हैं चेतेश्वर पुजारा
चेतेश्वर पुजारा ने पहले टेस्ट की पहली पारी में 203 गेंदों में 11 चौकों की मदद से 90 रन बनाए।
अद्यतन - दिसम्बर 15, 2022 10:35 पूर्वाह्न

भारतीय टीम इस समय बांग्लादेश दौरे में है। तीन मुकाबलों की वनडे सीरीज को मेजबान बांग्लादेश ने 2-1 से अपने नाम किया। अब 14 दिसंबर से इन दोनों टीमों के बीच दो मुकाबलों की टेस्ट सीरीज का पहला टेस्ट शुरू हो चुका है। पहले दिन का खेल खत्म होने तक भारतीय टीम ने 90 ओवर में 6 विकेट खोकर 278 बना लिए थे। अब दोनों टीमों के बीच पहले टेस्ट का दूसरा दिन भी शुरू हो चुका है।
बता दें, भारतीय टीम ने पहले टेस्ट मैच में टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी का फैसला किया। टीम की शुरुआत काफी निराशाजनक रही और उनके तीन विकेट महज 48 रन पर गिर गए। हालांकि चेतेश्वर पुजारा ने एक छोर को संभाला और 90 रन की महत्वपूर्ण पारी खेली। पुजारा और ऋषभ पंत ने चौथे विकेट के लिए 64 रन की शानदार साझेदारी की। ऋषभ पंत ने भी इस मैच में 46 रन का महत्वपूर्ण योगदान दिया।
बता दें, चट्टोग्राम में खेले जा रहे टेस्ट मैच में स्पिनरों के लिए काफी मदद है, लेकिन इसके बावजूद पुजारा ने काफी बेहतरीन बल्लेबाज़ी की। अनुभवी बल्लेबाज ने अपनी पारी के दौरान 11 चौके जड़े। वहीं श्रेयस अय्यर ने पहले दिन का खेल खत्म होने तक 82* रन जड़े।
मुकाबले के बाद पुजारा अपने प्रदर्शन से काफी खुश थे। हालांकि उन्हें इस बात का भी काफी अफसोस था कि वो एक शानदार शतक बनाने से चूक गए। पुजारा की माने यह मैच ड्रॉ नहीं होगा और इसका परिणाम जरूर निकलेगा।
इस पिच पर बल्लेबाजी करना आसान नहीं है: चेतेश्वर पुजारा
चेतेश्वर पुजारा ने पहले दिन के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि, ‘इस पिच में बल्लेबाजी करना इतना आसान नहीं है और जिस तरीके से मैंने बल्लेबाजी की उससे मैं काफी खुश हूं। मैं इस बात से भी काफी खुश हूं कि अपनी टीम के लिए महत्वपूर्ण रन बना पाया। कभी-कभी हम शतक जड़ने को देखते हैं लेकिन सबसे जरूरी बात यह है कि एक ऐसी पारी खेलना जिससे आपकी टीम ऐसे स्थान पर आ जाए जहां से आप मुकाबले को अपने नाम कर सकें।
पिच को देखकर ऐसा लगता है कि इसमें परिणाम जरूर निकलेगा बस हमें ज्यादा से ज्यादा रन बनाने की जरूरत है। मेरी और श्रेयस के बीच में साझेदारी बहुत ही जरूरी थी।’
ऋषभ पंत को लेकर पुजारा ने आगे कहा कि, ‘ऋषभ हमेशा अपनी योजना साधारण रखते हैं। उन्हें आक्रमक क्रिकेट खेलना पसंद है और यह हमारे लिए भी काफी अच्छी बात है। वो हमेशा गेंदबाजों के ऊपर दबाव डालते हैं और इससे साझेदारी को बढ़ाने में काफी मदद मिलती है। उन्हें अपने शॉट्स को खेलना पसंद है और इसी वजह से मुझे भी कुछ खराब गेंदें खेलने को मिल जाती है।
मुझे लगता है कि हम यह साझेदारी का पूरा आनंद लेते हैं क्योंकि उन्हें भी पता है कि दूसरे छोर पर मैं खड़ा हूं। पंत अपना नेचुरल खेल खेलते हैं जो कि टीम के लिए भी काफी जरूरी है।’