जब चहल को टी-20 मुकाबले में पड़े 4 ओवर में 64 रन तो धोनी ने उनसे कही थी, यह बात जिसका खुलासा हुआ अब - क्रिकट्रैकर हिंदी

जब चहल को टी-20 मुकाबले में पड़े 4 ओवर में 64 रन तो धोनी ने उनसे कही थी, यह बात जिसका खुलासा हुआ अब

युजवेंद्र चहल ने बताया कि धोनी उस समय कही बात ने उनको काफी राहत दी थी।

MS Dhoni and Yuzvendra Chahal. (Photo Source: Twitter/ Chennai Super Kings)
MS Dhoni and Yuzvendra Chahal. (Photo Source: Twitter/ Chennai Super Kings)

टी-20 फॉर्मेट हमेशा से गेंदबाजों के लिए किसी बुरे सपने से कम साबित नहीं रहा है। हालांकि बदलते वक्त के साथ इसमें भी गेंदबाजों की तरफ से कई शानदार प्रदर्शन देखने को मिले हैं। लेकिन कई बार टीमों के प्रमुख गेंदबाजों को भी काफी बुरी तरह से मैदान पर पिटते हुए देखा गया है। इसी में भारतीय क्रिकेट टीम के मौजूदा लेग स्पिन गेंदबाज युजवेंद्र चहल का भी नाम शामिल है।

जिनको साल 2018 में साउथ अफ्रीका के खिलाफ एक टी-20 मुकाबले में 4 ओवरों में कुल 64 रन पड़ गए थे जो भारत के लिए आज भी टी-20 अंतरराष्ट्रीय के किसी एक मैच में सबसे खराब प्रदर्शन माना जाता है। इसी को लेकर रवि अश्विन के साथ एक वीडियो चैट पर चहल ने बात करते हुए कहा कि वह दिन मेरे लिए काफी बुरा साबित हुआ था। जिसमें हेनरिक क्लासेन के खिलाफ मैं पूरी तरह से खुद को असहाय पा रहा था।

लेकिन उस भारतीय टीम के विकेटकीपर और पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने किस तरह चहल के आत्मविश्वास को बढ़ाया उसको लेकर भी आगे खुलासा हुआ। जिसमें चहल ने बताया कि उनके स्पेल के दौरान धोनी लगातार विकेट के पीछे से उनका हौसला बढ़ाने का काम कर रहे थे। जिसमें 4 ओवर खत्म होने के बाद चहल ने बताया कि धोनी ने उनसे कहा कि आप इस बारे में ज्यादा मत सोचें और शांत रहें।

जिसमें धोनी के अनुसार सभी के साथ ऐसा होता रहता है और उनकी यह बात चहल के लिए काफी बेहतर भी साबित हुई। चहल ने इस पूरी घटना को याद करते हुए कहा कि, एक मैच के दौरान मुझे 64 रन पड़े थे, जिसमें क्लासेंन ने मुझे काफी पीटा। तभी माही भाई ने विकेट के पीछे से मेरा हौसला बढ़ाने का काम किया। साथ ही ओवर खत्म होने के बाद उन्होंने कहा कि, ज्यादा सोचना नहीं, अपने चार ओवर का कोटा खत्म करो और चिल करो।

चहल ने धोनी के समर्थन को सराहा

युजवेंद्र चहल आज भी धोनी के उस समर्थन को नहीं भूलते हैं, जिन्होंने उनका ऐसे समय उत्साह बढ़ाने का काम किया जब इसकी उन्हें सबसे ज्यादा जरूरत थी। जिसमें उनके अनुसार खेल में इस तरह के बुरे दिनों का भी सामना सभी को करना पड़ता है और मेरे लिए यह वही खराब दिन में से एक था।

वहीं मैने उन खराब दिनों में से यह भी बात सीखी है कि मुझे ज्यादा कुछ आजमाने की कोशिश नहीं करनी चाहिए बल्कि अपने कोटे के बाकी ओवरों में कम से कम रन देने का प्रयास करना चाहिए ताकि विकेट हासिल करने के लिए दबाव बनाया जा सके।

close whatsapp