केन विलियमसन की फॉर्म को लेकर निखिल चोपड़ा और वसीम जाफर ने दी यह प्रतिक्रिया - क्रिकट्रैकर हिंदी

केन विलियमसन की फॉर्म को लेकर निखिल चोपड़ा और वसीम जाफर ने दी यह प्रतिक्रिया

आईपीएल 2022 में अब तक केन विलियमसन का प्रदर्शन बेहद निराशाजनक रहा है।

Kane Williamson
Kane Williamson. (Photo Source: Disney + Hotstar VIP)

अनुभवी बल्लेबाज, केन विलियमसन ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से लेकर आईपीएल तक खेल के सभी प्रारूपों में शानदार प्रदर्शन किया है। हालांकि, इस सीजन उनका फॉर्म अच्छा नहीं रहा है और वह अपने टीम को ज्यादातर मौकों पर अच्छी शुरुआत नहीं दे पाए हैं। RCB के खिलाफ मुकाबले से पहले विलियमसन ने 10 पारियों में 22.11 की औसत और 96.14 के स्ट्राइक रेट से 199 रन बनाए थे।

फाफ डु प्लेसिस और उनकी टीम के खिलाफ, वह बिना कोई गेंद खेले ही रन आउट हो गए। इस बीच, पूर्व भारतीय क्रिकेटर वसीम जाफर और निखिल चोपड़ा ने SRH कप्तान के फॉर्म को लेकर बात की। जब वसीम जाफर से केन विलियमसन के फॉर्म को लेकर सवाल किया गया तो उन्होंने कहा कि, इस संस्करण में उन्हें और आक्रामक होकर खेलना होगा। उनकी माने तो, अभिषेक शर्मा और राहुल त्रिपाठी के साथ साथ केन विलियमसन, निकोलस पूरन और एडिन मार्करम को भी ज्यादा से ज्यादा रन बनाने की जरूरत है।

केन विलियमसन के फॉर्म पर निखिल चोपड़ा और वसीम जाफर ने दी यह प्रतिक्रिया

स्काई247.नेट द्वारा प्रस्तुत नॉट जस्ट क्रिकेट शो में वसीम जाफर ने कहा कि, “उन्हें निश्चित रूप से फॉर्म में वापस आने की जरूरत है और उसका आक्रामक दृष्टिकोण भी टीम के लिए महत्वपूर्ण है। अभिषेक शर्मा और राहुल त्रिपाठी अनकैप्ड खिलाड़ी हैं, और आप निश्चित रूप से उनसे भी रनों की उम्मीद करते हैं, लेकिन अन्य सभी अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी हैं, जिन्हें रन बनाने की आवश्यकता है।”

वहीं निखिल चोपड़ा का मानना ​​है कि विलियमसन का फॉर्म सनराइजर्स के लिए चिंताजनक रहा है। उन्होंने शो में कहा कि, “केन विलियमसन अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पा रहे हैं, जो SRH के लिए चिंताजनक संकेत है। चाहे वह सावधानी से बल्लेबाजी करना हो या 200 के लक्ष्य का पीछा करना हो, उन्होंने एक ही गति से रन बनाने कोशिश की है।

इस सीजन में उनके आंकड़े सलामी बल्लेबाज के तौर पर किसी भी टी-20 टूर्नामेंट में न्याय नहीं करते हैं। जब आप पावरप्ले में बल्लेबाजी कर रहे होते हैं और आपका स्ट्राइक रेट केवल 100 होता है, तो यह मध्यक्रम के बल्लेबाजों पर दबाव बनाता है।”