भारतीय क्रिकेट टीम के स्टार बल्लेबाज केएल राहुल ने रणजी ट्रॉफी 2025-26 में कर्नाटक की ओर से खेलने की पुष्टि कर दी है। वह ग्रुप D के मुकाबले में पंजाब के खिलाफ खेलते नजर आएंगे, जो 29 जनवरी से मुल्लांपुर में शुरू होगा। लंबे समय बाद राहुल की रेड-बॉल क्रिकेट में वापसी को घरेलू क्रिकेट के लिए एक बड़ी खबर माना जा रहा है।
एक रिपोर्ट के अनुसार, केएल राहुल 22 जनवरी को मध्य प्रदेश के खिलाफ होने वाले मैच में कर्नाटक की टीम का हिस्सा नहीं होंगे। हालांकि, वह इसके बाद सीधे पंजाब के खिलाफ मुकाबले के लिए टीम से जुड़ेंगे। यह फैसला बीसीसीआई की उस नीति के अनुरूप है, जिसमें सीनियर खिलाड़ियों को घरेलू क्रिकेट खेलने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है, खासकर तब जब वे किसी अंतरराष्ट्रीय सीरीज में व्यस्त न हों।
शुभमन गिल की मौजूदगी से पंजाब-कर्नाटक मुकाबला होगा और रोमांचक
पंजाब बनाम कर्नाटक का यह मुकाबला इसलिए भी खास माना जा रहा है क्योंकि भारतीय टेस्ट कप्तान शुभमन गिल भी इसी मैच में पंजाब की ओर से खेल सकते हैं। गिल पहले ही सौराष्ट्र के खिलाफ 22 जनवरी को होने वाले मैच के लिए पंजाब टीम से जुड़ चुके हैं।
उस मैच में रवींद्र जडेजा के भी खेलने की संभावना है। गिल ने हाल ही में भारत की टी20 वर्ल्ड कप योजनाओं से बाहर होने के बाद रेड-बॉल क्रिकेट पर ज्यादा ध्यान देने का फैसला किया है।
अगर पंजाब की टीम की बात करें, तो उनके लिए आगे का रास्ता आसान नहीं है। प्लेऑफ में पहुंचने के लिए पंजाब को अपने बचे हुए दोनों मैच जीतने होंगे। सौराष्ट्र और कर्नाटक जैसी मजबूत टीमों के खिलाफ मुकाबले होने के कारण उनकी चुनौती और भी कठिन हो जाती है।
वहीं दूसरी ओर, नीतीश कुमार रेड्डी अपने घरेलू राज्य आंध्र प्रदेश के लिए खेलना जारी रखेंगे। आंध्र की टीम ग्रुप A में दूसरे स्थान पर है और उनके पास नॉकआउट में पहुंचने का अच्छा मौका है। रेड्डी हाल ही में न्यूजीलैंड के खिलाफ वनडे सीरीज में अर्धशतक लगा चुके हैं और उन्हें हार्दिक पांड्या के संभावित बैकअप के तौर पर देखा जा रहा है।
इस बीच, भारतीय टेस्ट टीम के उपकप्तान ऋषभ पंत के रणजी ट्रॉफी खेलने की संभावना कम है। वह छत्तीसगढ़ के खिलाफ दिल्ली की टीम में शामिल नहीं किए गए हैं और माना जा रहा है कि वह बेंगलुरु स्थित बीसीसीआई सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में अपनी रिकवरी पर ध्यान देंगे। कुल मिलाकर, केएल राहुल की रणजी ट्रॉफी में वापसी घरेलू क्रिकेट के लिए एक सकारात्मक संकेत है और यह युवा खिलाड़ियों के लिए भी प्रेरणा का काम करेगी।
