29 साल के महाआर्यमन सिंधिया बने MPCA प्रेसीडेंट, पढ़ें बड़ी खबर 

29 साल के महाआर्यमन सिंधिया बने MPCA के सबसे युवा अध्यक्ष, पढ़ें बड़ी खबर 

महाआर्यमन के पिता भी MPCA प्रेसीडेंट रह चुके हैं।

Mahanaryaman Scindia (Image Credit- Twitter X)
Mahanaryaman Scindia (Image Credit- Twitter X)

बीजेपी नेता व केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के बेटे व ग्वालियर डिवीजन क्रिकेट एसोसिएशन के उपाध्यक्ष महाआर्यमन सिंधिया को बिना किसी विरोध के मध्य प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन (MPCA) का आज 1 सितंबर को अध्यक्ष चुन लिया गया है। साथ ही ग्वालियर राजघराने के 29 वर्षीय सदस्य, अब एमपीसीए के सबसे युवा अध्यक्ष बन गए हैं।

गौरतलब है कि एमपीसीए की स्थापना 1957 में सिंधिया राजघराने ने की थी, जिसके बाद अब इस राॅयल फैमिली की तीसरी पीढ़ी क्रिकेट बोर्ड की अध्यक्षता करती हुई नजर आएगी। एमपीसीए के मुख्य प्रशासनिक अधिकारी रोहित पंडित ने पुष्टि की कि चुनावों में सभी पद निर्विरोध भरे गए।

नवनिर्वाचित कार्यकारिणी मंगलवार को एसोसिएशन की वार्षिक आम बैठक के दौरान औपचारिक रूप से कार्यभार संभालेगी, जिसके बाद पदाधिकारी कार्यभार संभालेंगे। साथ ही बता दें, इससे पहले महाआर्यमन के पिता ज्योतिरादित्य सिंधिया भी एमपीसीए के अध्यक्ष रह चुके हैं।

साथ ही एमपीसीए में चुने गए नवनिर्वाचित सदस्यों की बात करें तो इसमें विनीत सेठिया को उपाध्यक्ष, सुधीर असनानी को सचिव, अरुंधति खेरकिरे को संयुक्त सचिव और संजीव दुआ को कोषाध्यक्ष बनाया गया है। उनके साथ, संध्या अग्रवाल, प्रसून कनमदिकर, राजीव रिसोड़कर और विजेश राणा को समिति के सदस्य के रूप में चुना गया है, जबकि क्रिकेट समिति में प्रदीप बनर्जी, रमणिक पटेल और अभय लघाटे शामिल हैं।

तो वहीं, एमपीसीए के पूर्व अध्यक्ष अभिलाष खांडेकर ने एनडीटीवी स्पोर्ट्स के हवाले से कहा- पिछले छह वर्षों में, एमपीसीए ने कई उपलब्धियाँ हासिल की हैं। मुझे उम्मीद है कि महाआर्यमन सिंधिया के नेतृत्व में नवनिर्वाचित कार्यकारिणी एसोसिएशन को नई ऊँचाइयों पर ले जाएगी।

क्रिकेट से शुरू से ही जुड़े रहे हैं महाआर्यमन सिंधिया

गौरतलब है कि पिछले तीन वर्षों में क्रिकेट प्रशासन में महानआर्यमन की भागीदारी काफी बढ़ी है। उन्हें जीडीसीए का उपाध्यक्ष नियुक्त किया गया और 2022 में वे एमपीसीए के आजीवन सदस्य बन गए। वे 2024 में ग्वालियर में शुरू होने वाली मध्य प्रदेश टी20 लीग (एमपीएल) के अध्यक्ष भी हैं। खैर, देखने लायक बात होगी कि युवा अध्यक्ष के नेतृत्व में एमपीसीए कैसा काम करता हुआ नजर आता है?

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