Sachin Tendulkar Deepfake Video: सचिन तेंदुलकर का खौला खून, मुंबई पुलिस के साथ मिलकर बंद कराई करोड़ों की कंपनी
एक गेमिंग साइट ने अपने ब्रांड को प्रमोट करने के लिए टेक्नोलॉजी के जरिए सचिन तेंदुलकर की तस्वीर और आवाज का गलत तरीके से इस्तेमाल किया।
अद्यतन - जनवरी 18, 2024 5:17 अपराह्न

Sachin Tendulkar: टेक्नोलॉजी का गलत तरीके से उपयोग करने की बात कोई नई नहीं है। अकसर टीवी और अखबारों पर हम ऐसी खबरें पढ़ते रहते हैं। भारत के दिग्गज खिलाड़ी सचिन तेंदुलकर भी इस गलत हरकत के शिकार हो गए हैं। एक गेमिंग साइट ने अपने ब्रांड को प्रमोट करने के लिए टेक्नोलॉजी के जरिए सचिन तेंदुलकर की तस्वीर और आवाज का गलत तरीके से इस्तेमाल किया। सचिन तेंदुलकर (Sachin Tendulkar) ने सोशल मीडिया के जरिए इस चीज को लेकर आवाज उठाई और मुंबई पुलिस ने वेबसाइट और फेसबुक पेज पर FIR दर्ज कर लिया है।
Sachin Tendulkar ने जाहिर की नाराजगी
वीडियो में सचिन तेंदुलकर (Sachin Tendulkar) यह बताते हुए नजर आ रहे हैं कि किस तरह से ऑनलाइन गेम खेलकर उन्होंने और उनकी बेटी ने पैसे कमाए हैं। FIR के बाद भी अब तक उस गेमिंग साइट के मालिक का पता नहीं चल पाया है। सचिन तेंदुलकर के अस्सिटेंट रामेश पारधे ने कम्पलेन की थी, जिसके बाद मुंबई वेस्ट रिजन साइबर पुलिस ने FIR दर्ज की। मुंबई पुलिस ने सेक्शन-500 और IT Act 66 के तहत केस फाइल किया है। जो मानहानि से जुड़ा हुआ है।
सचिन तेंदुलकर (Sachin Tendulkar) ने सोशल मीडिया के जरिए अपने डीपफेक वीडियो पर नाराजगी जाहिर की। और फैंस को बताया कि यह वीडियो फेक है।
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यहां देखें सचिन तेंदुलकर का वो पोस्ट-
These videos are fake. It is disturbing to see rampant misuse of technology. Request everyone to report videos, ads & apps like these in large numbers.
Social Media platforms need to be alert and responsive to complaints. Swift action from their end is crucial to stopping the… pic.twitter.com/4MwXthxSOM
— Sachin Tendulkar (@sachin_rt) January 15, 2024
सचिन तेंदुलकर ने X (ट्विटर) पर लिखा, ये वीडियो फर्जी हैं, टेक्नोलॉजी का बड़े पैमाने पर दुरुपयोग देखना परेशान करने वाला है। सभी से बड़ी संख्या में इस तरह के वीडियो, विज्ञापन और ऐप्स की रिपोर्ट करने का अनुरोध करें। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्मों को शिकायतों के प्रति सतर्क और प्रतिक्रियाशील रहने की जरूरत है। गलत सूचना और डीपफेक के प्रसार को रोकने के लिए उनकी ओर से जल्दी कार्रवाई महत्वपूर्ण है।