मुथैया मुरलीधरन की बायोपिक के मेकर्स ने दिया महान स्पिनर को जन्मदिन का खास तोहफा
महान श्रीलंकाई ऑफ स्पिनर मुथैया मुरलीधरन 17 अप्रैल को 51 साल के हो गए हैं।
अद्यतन - अप्रैल 17, 2023 2:54 अपराह्न

महान श्रीलंकाई ऑफ-स्पिनर मुथैया मुरलीधरन 17 अप्रैल को अपना 51वां जन्मदिन मना रहे हैं, और स्पिन के जादूगर की बायोपिक के निर्माताओं ने उनके लिए इस दिन को और भी खास बनाने के लिए आगामी फिल्म के फर्स्ट-लुक मोशन पोस्टर का अनावरण कर उन्हें यह स्पेशल तोहफा दिया है।
आपको बता दें, मुरलीधरन की बायोपिक ‘800’ एमएस श्रीपति द्वारा लिखित और निर्देशित है, जिसमें स्लमडॉग मिलियनेयर फेम मधुर मित्तल मुख्य भूमिका में नजर आने वाले हैं। मूवी ट्रेन मोशन पिक्चर्स और विवेक रंगाचार द्वारा निर्मित मुरलीधरन की बायोपिक इस साल के अंत में तमिल, हिंदी और तेलुगु भाषा में रिलीज होगी।
इस बीच, मुथैया मुरलीधरन अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के इतिहास में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज हैं। कैंडी में जन्मे पूर्व ऑफ स्पिनर ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में 22.86 की औसत से 1347 विकेट लिए हैं, जिसमें 800 टेस्ट विकेट शामिल हैं, जिस पर उनकी बायोपिक का टाइटल ‘800’ रखा गया है।
यहां देखिए मुथैया मुरलीधरन की बायोपिक का मोशन पोस्टर
The untold story of #MuthiahMuralidaran 🏏🔥
➡️ https://t.co/bqjCWvJGms#MadhurrMittal #MSSripathy @GhibranOfficial @Mahima_Nambiar @RDRajasekar @Cinemainmygenes @MovieTrainMP @VivekRangachari #800TheMovie #800MotionPoster pic.twitter.com/OaLYUz2yLN— Sony Music South (@SonyMusicSouth) April 17, 2023
https://www.youtube.com/shorts/hHWN4fXAVIo
मुरलीधरन को साल 2002 में विजडन के क्रिकेटर्स अल्मनैक द्वारा महानतम टेस्ट गेंदबाज का दर्जा दिया गया था। वह साल 2017 में आईसीसी क्रिकेट हॉल ऑफ फेम में शामिल होने वाले पहले और एकमात्र श्रीलंकाई क्रिकेटर बने। इसके अलावा, महान स्पिनर 1996 में वनडे वर्ल्ड कप जीतने वाली श्रीलंका क्रिकेट टीम का हिस्सा थे।
वहीं, मुरलीधरन ODI वर्ल्ड कप के इतिहास में 68 विकटों के साथ दूसरे सबसे अधिक विकेट लेने वाले गेंदबाज भी हैं। वह टेस्ट क्रिकेट के साथ-साथ वनडे क्रिकेट में भी सबसे अधिक विकेट लेने वाले गेंदबाज हैं। मुरलीधरन ने अपने वनडे करियर में 350 मैच खेले, जहां उन्होंने 23.08 की औसत से 534 विकेट लिए।
आपको बता दें, मुरलीधरन के वंशज तमिलनाडु से हैं, उनके दादा-दादी भारतीय थे, जिन्हें ब्रिटिश चाय बागानों में काम करने के लिए श्रीलंका ले गए थे, और फिर उनका परिवार वहीं बस गया, और महान श्रीलंकाई ऑफ-स्पिनर का जन्म भी कैंडी में ही हुआ।