बेन स्टोक्स के पहली पारी को Declare करने के फैसले को लेकर नासिर हुसैन ने रखा अपना पक्ष
जहां एक तरफ तमाम लोगों ने बेन स्टोक्स के इस फैसले की जमकर आलोचना की वहीं दूसरी ओर इंग्लैंड के पूर्व कप्तान नासिर हुसैन ने बेन स्टोक्स को सपोर्ट किया है।
अद्यतन - Jun 21, 2023 2:15 pm

एजबेस्टन में खेले गए एशेज 2023 के पहले टेस्ट मुकाबले में ऑस्ट्रेलिया ने इंग्लैंड को 2 विकेट से करारी शिकस्त दी। इंग्लैंड ने ऑस्ट्रेलिया को 281 रनों का लक्ष्य दिया था। ऑस्ट्रेलिया की ओर से उस्मान ख्वाजा ने 65 रनों की बेहतरीन पारी खेली जबकि पैट कमिंस ने 44* रन का योगदान दिया और अपनी टीम को जीत दिलाने में अहम भूमिका निभाई।
बता दें, ऑस्ट्रेलिया ने एशेज मुकाबलों की टेस्ट सीरीज में 1-0 की बढ़त बना ली है। तमाम लोग बेन स्टोक्स के इस फैसले से बिल्कुल भी खुश नहीं थे कि उन्होंने अपनी पहली पारी को घोषित क्यों किया। सभी का यही मानना था कि इंग्लिश कप्तान बेन स्टोक्स को अपनी पहली पारी को घोषित नहीं करना चाहिए था। बता दें, इंग्लैंड ने अपनी पहली पारी को पहले टेस्ट में 8 विकेट पर 303 रन पर घोषित कर दिया था।
उस समय जो रूट 118* रन पर खेल रहे थे जबकि ओली रॉबिंसन ने 17* रन बना लिए थे। दोनों बल्लेबाजों के बीच 9वें विकेट के लिए 43 रनों की साझेदारी भी हो गई थी लेकिन बेन स्टोक्स ने उस समय अपनी पहली पारी को घोषित कर दिया। इंग्लिश कप्तान उस समय यही चाहते थे कि ऑस्ट्रेलिया उस दिन के खेल के 4 ओवर पूरे खेलें। ऑस्ट्रेलिया की ओर से डेविड वॉर्नर और उस्मान ख्वाजा ने उन चार ओवर में 14 रन बनाए।
जहां एक तरफ तमाम लोगों ने बेन स्टोक्स के इस फैसले की जमकर आलोचना की वहीं दूसरी ओर इंग्लैंड के पूर्व कप्तान नासिर हुसैन ने बेन स्टोक्स को सपोर्ट किया है।
इस इंग्लिश टीम की अपनी खुद की सोच है: नासिर हुसैन
नासिर हुसैन ने डेली मेल के अपने कॉलम में लिखा कि, ‘तमाम लोग इंग्लैंड की पारी के घोषित करने को लेकर सवाल उठाएंगे। हां, अगर देखा जाए तो इंग्लैंड ने पहली पारी को घोषित करके सही काम नहीं किया। उस समय जो रूट और ओली रॉबिंसन बल्लेबाजी कर रहे थे लेकिन यह इस इंग्लैंड टीम की अपनी सोच है और इसी वजह से उन्होंने 14 में से 11 मुकाबलों में जीत दर्ज की है।
मैं इंग्लैंड टीम की आलोचना नहीं करना चाहूंगा। उन्होंने एक नई सोच के साथ टेस्ट क्रिकेट खेलने का फैसला किया और तमाम दर्शकों को उत्साहित किया। बेन स्टोक्स का यह फैसला गलत था लेकिन कभी-कभी आपको ऐसे फैसले लेने पड़ते हैं। यह 5 दिन काफी कमाल के थे। सबसे अच्छी बात यह है कि इंग्लैंड टीम ने लोगों की सोच को बदला है और वो अब फिर से टेस्ट क्रिकेट को लेकर काफी उत्साहित हो रहे हैं।’