आखिर कैप्टन कूल महेंद्र सिंह धोनी से किस कला को सीखने की बात कर रही हैं, मिताली राज - क्रिकट्रैकर हिंदी

आखिर कैप्टन कूल महेंद्र सिंह धोनी से किस कला को सीखने की बात कर रही हैं, मिताली राज

ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ पिंक बॉल टेस्ट मैच में मिताली राज एकबार फिर टॉस जीतने में नाकाम रहीं।

Mithali Raj. (Photo Source: Twitter)
Mithali Raj. (Photo Source: Twitter)

भारतीय महिला क्रिकेट टीम इस समय ऑस्ट्रेलिया के दौरे पर है, जहां पर उन्हें 3 मैचों की वनडे सीरीज में 2-1 से हार का सामना करना पड़ा। जिसके बाद टीम को एकमात्र टेस्ट मैच की सीरीज मेजबान टीम के साथ खेलने थी, जो कई मायनों में खास होने जा रही थी, क्योंकि यह भारतीय महिला क्रिकेट टीम का पहला पिंक बॉल टेस्ट मैच था। हालांकि यह मैच ड्रॉ पर खत्म हुआ लेकिन भारतीय खिलाड़ियों का शानदार प्रदर्शन मैच के दौरान देखने को मिला।

पिंक बॉल टेस्ट मैच के आखिरी दिन भारतीय टीम ने अपनी दूसरी पारी में 135 रन जोड़ने के साथ पारी को घोषित कर दिया और मेजबान टीम को 272 रनों का लक्ष्य दिया। हालांकि कप्तान मिताली राज के इस फैसले को लेकर उन्हें कुछ आलोचना का भी सामना करना पड़ा क्योंकि शायद उन्होंने यह फैसला करने में देरी कर दी। लेकिन इसके बावजूद इस टेस्ट मैच के भारतीय टीम का पूरी तरह से दबदबा देखने को मिला।

कप्तान मिताली राज ने मैच खत्म होने के बाद कहा कि, यह फैसला करना थोड़ा मुश्किल था कि हमें अपनी पारी को कब घोषित करना चाहिए। वहीं टीम के प्रदर्शन पर भी मिताली ने खुशी व्यक्त करते हुए कहा कि, ऑस्ट्रेलिया को उसी के घर पर बैकफुट पर भेजना आसान कामम नहीं है लेकिन हमारी टीम ने ऐसा करके दिखाया। वह इस फॉर्मेट में काफी मजबूत टीम मानी जाती हैं, लेकिन हमारी खिलाड़ियों ने उन्हें किसी भी समय मैच में दबाव बनाने का कोई मौका नहीं दिया।

लगातार टॉस हारने पर मिताली ने कही यह बात

एक कप्तान होने के नाते मिताली राज का टॉस जीतने के मामले में रिकॉर्ड काफी बुरा है। इंग्लैंड के खिलाफ इस साल शुरू हुए दौरे के बाद से वह टॉस जीतने में कामयाब नहीं हो पा रही हैं और ऑस्ट्रेलिया में भी ऐसा देखने को मिल रहा है। इसी पर जब टॉस के समय मिताली राज सेे पूछा गया तो उन्होने काफी मजाकिया अंदाज में जवाब देते हुए कहा कि, मैं नहीं चाहती कि यह एक विरासत बने। जिस तरह से मेरे साथी खिलाड़ी मेरी टांग खींच रही हैं तो मैंने सोचा कि टॉस को लेकर अपना फैसला बदलना चाहिए। पर कोई लाभ नहीं हुआ। इसलिए मैंने सोचा है कि मुझे धोनी से टॉस जीतने का हुनर सीखने की जरूरत है।

यहां पर देखिए मिताली के उस जवाब को: