बीसीसीआई भारत सरकार से वर्ल्ड कप 2023 के लिए टैक्स रेट में छूट की कर रहा है मांग - क्रिकट्रैकर हिंदी

बीसीसीआई भारत सरकार से वर्ल्ड कप 2023 के लिए टैक्स रेट में छूट की कर रहा है मांग

बीसीसीआई चाहता है कि आगामी आईसीसी प्रतियोगिताओं पर वर्तमान दर से कर लगाया जाए।

Sourav Ganguly and Jay Shah. (Photo Source: Twitter)
Sourav Ganguly and Jay Shah. (Photo Source: Twitter)

भारत अगले साल अक्टूबर-नवंबर में वनडे वर्ल्ड कप 2023 की मेजबानी करने जा रहा है, और 21 प्रतिशत की नई कर दर हितधारकों के बीच चिंता का विषय बन गई है। आपको बता दें, भारत ने अंतिम बार साल 2016 में किसी आईसीसी टूर्नामेंट की (टी-20 वर्ल्ड कप 2016) मेजबानी की थी।

2016 टी-20 वर्ल्ड कप के दौरान कर दर 10 प्रतिशत थी, और स्टार स्पोर्ट्स ने 225 मिलियन अमरीकी डॉलर के टूर्नामेंट शुल्क से 22.5 मिलियन अमरीकी डॉलर वसूल किए थे। जिसके परिणामस्वरूप अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) ने भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) से उस राशि को वसूल करने का प्रयास किया था।

इस बीच, यह कहा जा रहा है कि आगामी वर्ल्ड कप 2023 की प्रसारण फीस 500 मिलियन अमरीकी डॉलर तक पहुंच सकती है, जिसका मतलब है कि कर शुल्क आश्चर्यजनक रूप से 100 मिलियन अमरीकी डॉलर अनुमानित की जा रही है, जिसे लेकर बीसीसीआई (BCCI) परेशान है।

बीसीसीआई भारत सरकार से कर दर में कर रहा है छूट की मांग

क्रिकबज की एक रिपोर्ट के अनुसार, भारत के वित्त मंत्रालय ने हाल ही में बीसीसीआई और सम्बंधित अन्य सभी लोगों को एक पत्र भेजा है, जिसमें उन्हें सूचित किया गया है कि वर्ल्ड कप 2023 की मेजबानी पर कर की दर 21 प्रतिशत होगी, जो 2016 में भारत में आयोजित किए गए टी-20 वर्ल्ड कप से दोगुने से अधिक है। वित्त मंत्रालय द्वारा भेजे गए पत्र के बाद इस बात पर बहस छिड़ गई कि नए विदहोल्डिंग टैक्स का भार कौन उठाएगा।

चूंकि जय शाह इस समय बीसीसीआई के सचिव है, और वह गृह मंत्री अमित शाह के पुत्र है, इसलिए उम्मीद की जा रही है कि यह मुद्दा इस साल के लिए सुलझ जाएगा। लेकिन 21 प्रतिशत विदहोल्डिंग टैक्स लगाने के भारत सरकार के फैसले का आईसीसी मीडिया अधिकारों के अगले चक्र पर असर पड़ सकता है।

आपको बता दें, भारत 2024 -2031 चक्र में आईसीसी के तीन कार्यक्रम आयोजित करेगा, इसलिए बीसीसीआई कर दर के वित्तीय प्रभाव को लेकर चिंतित है। बीसीसीआई इस समय कथित तौर भारत सरकार के साथ इस मुद्दे पर बातचीत कर रहा है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि टूर्नामेंट से होने वाली आय नई कर दर से गंभीर रूप से प्रभावित न हो। बीसीसीआई चाहता है कि आगामी आईसीसी प्रतियोगिताओं पर वर्तमान दर से कर लगाया जाए।

close whatsapp