MCG में दर्शकों की संख्या देख वनडे क्रिकेट के भविष्य को लेकर चिंतित हो उठे ग्लेन मैक्ग्रा - क्रिकट्रैकर हिंदी

MCG में दर्शकों की संख्या देख वनडे क्रिकेट के भविष्य को लेकर चिंतित हो उठे ग्लेन मैक्ग्रा

वनडे क्रिकेट को टी-20 और टेस्ट क्रिकेट से कड़ी प्रतिस्पर्धा का सामना करना पड़ रहा है।

Glenn McGrath (Image Source: Getty Images)
Glenn McGrath (Image Source: Getty Images)

ऑस्ट्रेलिया के महान क्रिकेटर ग्लेन मैक्ग्रा का मानना है कि ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड के बीच खेली गई हालिया वनडे सीरीज के दौरान स्टेडियमों का नजारा वनडे क्रिकेट के भविष्य के लिए खतरे का संकेत है। दरअसल, मेलबर्न क्रिकेट ग्राउंड (एमसीजी) में हाल ही में ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड के बीच खेले गए अंतिम वनडे के लिए केवल 4000 से अधिक फैंस पहुंचे थे, जिसे देखते हुए महान तेज गेंदबाज ने खेल के 50-ओवरों के प्रारूप के भविष्य पर चिंता जताई है।

आपको बता दें, इस वनडे मैच के ठीक नौ दिन पहले उसी स्टेडियम में पाकिस्तान और इंग्लैंड के बीच खेले गए आईसीसी टी-20 वर्ल्ड कप 2022 के फाइनल को देखने 80,000 से अधिक फैंस पहुंचे थे। हालांकि, ऑस्ट्रेलिया ने यह मैच 221 रनों से जीतकर 3-0 से तीन मैचों की घरेलू वनडे सीरीज जीती थी।

MCG में ऑस्ट्रेलिया बनाम इंग्लैंड वनडे के लिए इतने कम फैंस को देखते हुए फैंस से लेकर क्रिकेटर और क्रिकेट पंडित इस सीरीज की शेड्यूलिंग की आलोचना कर रहे हैं। लेकिन ऑस्ट्रेलिया के तीन बार के वनडे वर्ल्ड कप विजेता ग्लेन मैक्ग्रा का मानना ​​है कि समस्या शेड्यूलिंग से कहीं ज्यादा चिंतनीय है।

वनडे क्रिकेट को टी-20 और टेस्ट क्रिकेट से कड़ी प्रतिस्पर्धा का सामना करना पड़ रहा है: ग्लेन मैक्ग्रा

ग्लेन मैक्ग्रा ने पीए समाचार एजेंसी के हवाले से कहा: “इतने कम फैंस को MCG में देखना वास्तव में बहुत निराशाजनक था, मुझे लगता है वनडे क्रिकेट इस समय गंभीर स्थिति में है। मेलबर्न को ऑस्ट्रेलिया की खेल राजधानी के रूप में देखा जाता है, यहां लोग खेल से बिल्कुल प्यार करते हैं। इसलिए इतनी कम संख्या में दर्शकों का आना बहुत कुछ बताता है, यह साफ बता रहा है कि वनडे क्रिकेट इस समय कहां हैं। मैं मानता हूं कि अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रम काफी मुश्किल और तंग है।

मुझे लगता है कि उन्हें हर सीरीज और हर मैच का सम्मान करना होगा, इसका कुछ मतलब होना चाहिए। हमें खेल के इस प्रारूप की रक्षा करनी होगी। टी-20 क्रिकेट हमेशा से आगे बढ़ रहा है, यह तेज और रोमांचक है, वहीं टेस्ट क्रिकेट पहले से ही सर्वश्रेष्ठ है। मुझे लगता है कि खेल के ये दो प्रारूप समय की कसौटी पर खरे उतरेंगे। मुझे उम्मीद है कि वनडे क्रिकेट भी जारी रहेगा, मेरे पास इससे जुड़ी कई बेहतरीन यादें हैं और मैं अब भी वनडे वर्ल्ड कप को टी-20 से ज्यादा महत्वपूर्ण मानूंगा। लेकिन 50-ओवरों का प्रारूप इस समय अपनी रूचि खो रहा है, अब हमें यह देखना चाहिए इसे बाकि प्रारूपों के बीच कैसे बनाए रखते हैं। खेल के इस प्रारूप को बचाने के लिए गंभीर कदम उठाने होंगे।”