'राहुल को बाहर फेंको, गिल को दो मौका'- तीसरे टेस्ट के लिए रवि शास्त्री ने की बड़ी मांग - क्रिकट्रैकर हिंदी

‘राहुल को बाहर फेंको, गिल को दो मौका’- तीसरे टेस्ट के लिए रवि शास्त्री ने की बड़ी मांग

भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच सीरीज का तीसरा मैच 1 मार्च से इंदौर के होल्कर स्टेडियम में खेला जाएगा।

Ravi Shastri Shubman Gill KL Rahul (Photo Source: Twitter)
Ravi Shastri Shubman Gill KL Rahul (Photo Source: Twitter)

बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी में भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच तीसरा टेस्ट मैच 1 मार्च से इंदौर के होल्कर स्टेडियम में खेला जाएगा। इस मैच में शुभमन गिल के प्लेइंग 11 में शामिल होने की खबर सुर्ख़ियों में है। कई क्रिकेट एक्सपर्ट का मानना है कि केएल राहुल की जगह इनफॉर्म बल्लेबाज शुभमन गिल को मौका मिलना चाहिए। पूर्व भारतीय कोच रवि शास्त्री भी अब केएल राहुल की जगह शुभमन गिल पर भरोसा दिखाते हुए नजर आ रहे हैं।

टीम को राहुल का फॉर्म पता है- रवि शास्त्री

भारतीय युवा खिलाड़ी शुभमन गिल ने अपने पिछले टेस्ट सीरीज में बांग्लादेश के खिलाफ शतक जड़ा था। लेकिन केएल राहुल के चलते शुभमन गिल को बाहर करने का फैसला किया था। केएल राहुल ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ पिछले दो टेस्ट मैचों की तीन पारियों में सिर्फ 38 रन बना पाए हैं। शुभमन गिल तीसरे टेस्ट मैच से पहले इंदौर के स्टेडियम में जमकर पसीना बहाते हुए नजर आ रहे हैं। रवि शास्त्री का भी मानना है कि मैनेजमेंट को तीसरे मैच में शुभमन गिल को टीम में जगह जरूर देनी चाहिए।

रवि शास्त्री ने आईसीसी रिव्यू के एपिसोड पर बात करते हुए कहा, ‘शुभमन गिल चाहे स्कोर करें या ना करें। फॉर्म और योग्यता के आधार पर वह एक मौके का हकदार है। टीम प्रबंधन केएल राहुल का फॉर्म जानती है। वे उनकी मानसिक स्थिति जानते हैं। वे जानते हैं कि गिल को उन्हें किस प्रकार देखना चाहिए। आपको इस वक्त गिल जैसे व्यक्ति की जरूरत है, तो उसे आपको टीम में लाना होगा। ये सारा फैसला अब मैनेजमेंट को लेना होगा।’

कोच के लिए यह कठिन काम होता है- रवि शास्त्री

भारतीय टीम इस वक्त टेस्ट सीरीज में 2-0 से आगे चल रही है। पिछले दोनों ही मुकाबलों में टीम ने शानदर प्रदर्शन दिखाया है। लेकिन रवि शास्त्री का कहना है कि तीसरे मैच में शुभमन गिल को मौका मिलना चाहिए। इससे टीम संयोजन जरूर खराब होगा। लेकिन नतीजे और अच्छे मिल सकते हैं।

रवि शास्त्री ने आगे बात करते हुए कहा, ‘प्रदर्शन के ऊपर सारी चीजें निर्भर करती है। एक कोच के लिए यह एक कठिन काम है। मुझे याद है कि मुझे ऐसा कई बार करना पड़ा है। जहां आप बस बैठते हैं और खिलाड़ी को समझाते हैं।’

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