टी-20 क्रिकेट की वजह से लोग वनडे क्रिकेट को भूलते जा रहे हैं: उस्मान ख्वाजा
अगर तीनों फॉर्मेट को मिला दिया जाए तो वनडे क्रिकेट तीसरे स्थान पर आता है: उस्मान ख्वाजा
अद्यतन - Jul 22, 2022 5:09 pm

ऑस्ट्रेलिया के दिग्गज बल्लेबाज उस्मान ख्वाजा को वनडे क्रिकेट के भविष्य को लेकर काफी चिंता है और उनका मानना है कि वनडे क्रिकेट बहुत ही धीमी मर रहा है।
इंग्लैंड के ऑलराउंडर बेन स्टोक्स ने हाल ही में 31 साल की उम्र में वनडे क्रिकेट से संन्यास ले लिया है। उनके संन्यास लेने के बाद वनडे क्रिकेट के ऊपर तमाम सवाल उठाए जा रहे हैं। बेन स्टोक्स ने खिलाड़ियों पर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट की मांगों पर जोर देते हुए कहा है कि अधिकारी खिलाड़ियों के साथ ‘कार’ की तरह व्यवहार नहीं कर सकते हैं।
वहीं ख़्वाजा का मानना है कि वनडे क्रिकेट को जिंदा रखने के लिए सभी बोर्ड को बातचीत करनी चाहिए और टीमों को ज्यादा से ज्यादा वनडे मुकाबले खिलाने चाहिए। ESPN क्रिकइंफो के मुताबिक ख्वाजा ने बोला कि, ‘यह मेरी अपनी राय है, मुझे पता है कि कुछ लोग एक ही तरह के हैं, उनके पास टेस्ट क्रिकेट है जो सर्वप्रथम है, आपके पास टी-20 क्रिकेट है जिसको सभी लोग दुनियाभर में खेलते हैं और लीग्स में भी। सभी लोग इसको बहुत चाहते हैं और उसके बाद है वनडे क्रिकेट।
उन्होंने आगे कहा कि, ‘अगर तीनों फॉर्मेट को मिला दिया जाए तो वनडे क्रिकेट तीसरे स्थान पर आता है। मेरा मानना है कि वनडे क्रिकेट धीमी मौत हो रही है। अभी वर्ल्ड कप है जो मुझे लगता है कि काफी मजेदार होने वाला है और तमाम लोगों को देखने में भी काफी अच्छा लगेगा। मैं और लोगों के लिए क्या बोलूं मुझे खुद वनडे क्रिकेट अच्छा नहीं लगता।
टेस्ट क्रिकेट में अभी भी काफी मजबूती है: उस्मान ख़्वाजा
उस्मान ख़्वाजा का मानना है कि टेस्ट क्रिकेट अभी भी काफी हद तक बचा हुआ है। उनके मुताबिक टेस्ट क्रिकेट में अभी भी काफी मजबूती है और टेस्ट और टी-20 क्रिकेट ही आगे बरकरार रहेगा। उन्होंने कहा कि, ‘ जिन लोगों से मैं बात करता हूं या खेलता हूं, उनको आज भी सबसे अच्छा टेस्ट क्रिकेट लगता है।
मुझे खुद टेस्ट क्रिकेट बहुत अच्छा लगता है। सोचता हूं कि टेस्ट क्रिकेट में अभी भी बहुत मजबूत उपस्थिति है इसलिए मैं इसे कहीं भी, किसी भी ओर जाते हुए नहीं देख रहा हूं। टेस्ट और टी-20 क्रिकेट तो आराम से चल सकता है लेकिन फिर आपके दिमाग में सवाल आता है कि वनडे क्रिकेट का क्या?