'कोहली के कहने के बाद ही अंपायर ने फैसला पलटा' भारत-पाक मैच में विवादित नो-बॉल पर भड़के पाकिस्तान के दिग्गज - क्रिकट्रैकर हिंदी

‘कोहली के कहने के बाद ही अंपायर ने फैसला पलटा’ भारत-पाक मैच में विवादित नो-बॉल पर भड़के पाकिस्तान के दिग्गज

पाकिस्तान के दिग्गजों ने अंपायर पर आरोप लगाया कि उन्होंने कोहली के कहने के बाद ही नो-बॉल दिया।

Virat Kohli (Image Credit- Twitter)
Virat Kohli (Image Credit- Twitter)

ऑस्ट्रेलिया में जारी टी-20 विश्व कप 2022 में कल 23 अक्टूबर को भारत और पाकिस्तान के बीच रोमांचक मैच देखने को मिलेगा। इस मैच में टीम इंडिया ने पाकिस्तान के खिलाफ अंतिम गेंद पर 4 विकेट से जीत दर्ज की है।

हालांकि मेलबर्न क्रिकेट ग्राउंड पर इस रोमांचक मुकाबले में भारत की पारी के आखिरी ओवर में एक विवाद का क्षण भी सभी को देखने को मिला, जहां मेन इन ब्लू को मैच जीतने के लिए आखिरी ओवर में 15 रन की आवश्यकता थी। मोहम्मद नवाज ने अंतिम ओवर की चौथी गेंद कोहली को हाई फुल टॉस फेंकी जिस पर उन्होनें डीप स्क्वेयर लेग के ऊपर से छक्का लगा दिया, इसी शाॅट ने मैच में बड़ा अंतर पैदा कर दिया।

बता दें कि इस बाॅल को खेलने के तुरंत बाद विराट कोहली ने नो बॉल की अपील की और मैदानी अंपायर मरैस इरास्मस ने भारत के पक्ष में देर से कॉल किया। लेकिन अब इस बात से पाकिस्तान टीम के पूर्व खिलाड़ी खुश नजर नहीं है। और उन्होंने आरोप लगाया कि उन्होंने (अंपायर) कोहली के कहने के बाद ही निर्णय लिया।

कई पाकिस्तानी खिलाड़ियों ने किया नो बॉल का विरोध

बता दें कि पाकिस्तान के पूर्व खिलाड़ी वसीम अकरम, वकार यूनिस और शोएब मलिक ने एमसीजी में पाकिस्तान की हार के बाद ए स्पोर्ट्स के साथ बातचीत के दौरान महसूस किया कि मैदानी अंपायरों को कॉल के लिए तीसरे अंपायर से सलाह लेनी चाहिए थी।

वसीम अकरम ने कहा कि गेंद नीचे ओर की जा रही थी। पहली नजर में, यह नो-बॉल की तरह नहीं लग रहा था, लेकिन स्लो मोशन में, ऐसा लगता है कि यह नीचे की तरफ जा रही है  कोई भी बल्लेबाज मुड़ेगा और नो बॉल मांगेगा। यह उनकी (कोहली) की गलती नहीं है। इतना बड़ा खेल, आपके पास तकनीक है, इसका इस्तेमाल करें।

साथ ही पाकिस्तान के इस महान तेज गेंदबाज ने यह भी कहा कि अगर वह (अकरम ) और वकार टी-20 विश्व कप कमेंट्री पैनल का हिस्सा होते तो निश्चित रूप से ये मुद्दा उठाते। उन्होनें कहा कि क्योंकि हम वहां नहीं थे, अगर मैं या वकार होते तो हम वहीं अपने मन की बात कह देते।

वहीं दूसरी तरफ वकार यूनुस ने कहा कि अंपायर ने निर्णय लेने में बहुत देर कर दी थी और कोहली के विरोध के बाद ही उन्होंने फैसला लिया। साथ ही उन्होनें कहा कि जब गेंद कमर तक होती है, तो स्क्वायर लेग अंपायर की पहली प्रतिक्रिया यह होती है कि वह अपना हाथ बाहर निकालता है। वह एक अनुभवी अंपायर है। यह उसकी स्वाभाविक प्रतिक्रिया है।

इसके अलावा वकार ने कहा कि मैं यह नहीं कह रहा हूं और मैं यह नहीं कहना चाहता कि यह नो-बॉल है या नहीं, मैं उस विवाद में नहीं पड़ना चाहता। लेकिन अंपायर को इसे वहीं बोलना (तुरंत) चाहिए था। यह नो बॉल पूछने का विराट कोहली का अधिकार था, उसे यह करना चाहिए। स्क्वायर लेग अंपायर को मुख्य अंपायर से परामर्श करना चाहिए था और उन्हें ऊपर (थर्ड अंपायर) जाना चाहिए था, इसलिए तीसरा अंपायर वहां बैठा है।

वहीं अनुभवी खिलाड़ी शोएब मलिक भी वकार और अकरम की बात से सहमत हैं। मलिक ने कहा कि जब आपके पास एक विकल्प होता है, तो आपको तीसरे अंपायर की मदद लेनी चाहिए, खासकर संकट की स्थिति में, इतने बड़े मैच में। कोई भी गलती कर सकता है लेकिन उन्हें थर्ड अंपायर से सलाह लेनी चाहिए थी। अगर रिप्ले के बाद फैसला लिया जाता, जो हमने देखा, तो बेहतर होता।