ऑस्ट्रेलिया के इस दिग्गज खिलाड़ी ने सबसे पहले कप्तान के तौर पर रोहित शर्मा के टैलेंट को पहचाना था: प्रज्ञान ओझा - क्रिकट्रैकर हिंदी

ऑस्ट्रेलिया के इस दिग्गज खिलाड़ी ने सबसे पहले कप्तान के तौर पर रोहित शर्मा के टैलेंट को पहचाना था: प्रज्ञान ओझा

कुछ ही दिनों पहले रोहित शर्मा को टी-20 का कप्तान नियुक्त किया गया था।

Rohit Sharma. (Photo by INDRANIL MUKHERJEE/AFP via Getty Images)
Rohit Sharma. (Photo by INDRANIL MUKHERJEE/AFP via Getty Images)

दक्षिण अफ्रीका के लिए भारत की टेस्ट टीम की घोषणा के साथ ही, BCCI ने एक और महत्वपूर्ण ऐलान किया है। बोर्ड ने बताया कि रोहित शर्मा, जिन्हें पहले भारत के टी-20 कप्तान के रूप में नामित किया गया था, उन्हें अब टीम इंडिया का वनडे कप्तान भी बनाया गया है।

रोहित शर्मा आगामी दक्षिण अफ्रीका सीरीज के साथ अपना कार्यभार संभालेंगे। इसी बीच BCCI के इस फैसले पर पूर्व भारतीय स्पिनर प्रज्ञान ओझा ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने बताया कि कैसे महान खिलाड़ी एडम गिलक्रिस्ट ने रोहित में एक बड़ा कप्तान बनने का कौशल देखा था।

रोहित शर्मा को लेकर प्रज्ञान ओझा ने क्या कहा ?

वनडे की कप्तानी मिलने के साथ-साथ रोहित शर्मा को टेस्ट टीम का उपकप्तान भी बनाया गया है। ओझा ने कहा कि भारत के इस बल्लेबाज को उस वक्त एक कप्तान के रूप में नहीं देखा गया था जब वह अपनी पहली आईपीएल फ्रेंचाइजी डेक्कन चार्जर्स के लिए खेलने आए थे, लेकिन गिलक्रिस्ट ने एक टिप्पणी की थी कि रोहित को टीम का उप-कप्तान बनाया जाना चाहिए।

क्रिकबज से बातचीत के दौरान प्रज्ञान ओझा ने कहा कि, “रोहित शर्मा जब मुंबई की टीम में आए थे तब उन्हें कभी भी कप्तान के तौर पर नहीं देखा गया था। चीजें धीरे-धीरे तब बदलनी शुरू हुई जब उन्हें डेक्कन चार्जर्स के कोर ग्रुप में शामिल किया गया। एडम गिलक्रिस्ट चाहते थे कि रोहित शर्मा को उप कप्तान बनाया जाए।”

बता दें कि मुंबई के इस बल्लेबाज ने 2007 में 20 साल की उम्र में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में डेब्यू किया था और डेक्कन चार्जर्स के साथ तीन आईपीएल सीजन भी खेले थे। अंत में उन्हें 2011 में मुंबई इंडियंस द्वारा चुना गया और उसके बाद वह पांच आईपीएल ट्रॉफी के साथ इस लीग के सबसे सफल कप्तान बन गए।

प्रज्ञान ओझा ने आगे कहा कि, “रोहित शर्मा को क्रिकेट खेलते हुए ज्यादा दिन नहीं हुए थे लेकिन इसके बावजूद वो जिस तरह से कुछ प्लेयरों के बारे में अपनी सलाह देते थे और टीम मैनेजमेंट को गेम प्लान बताते थे उससे उनके अंदर की लीडरशिप की झलक मिलने लगी थी।”