सुपर 8 में WI को मात देना किसी भी टीम के लिए नहीं होगा इतना आसान, रोवमेन पॉवेल ने अपनी योजना को लेकर किया बड़ा खुलासा
इस महत्वपूर्ण टूर्नामेंट में वेस्टइंडीज टीम का प्रदर्शन अभी तक काफी अच्छा रहा है और उन्होंने सुपर 8 में अपनी जगह पक्की कर ली है।
अद्यतन - Jun 17, 2024 4:16 pm

वेस्टइंडीज टीम के कप्तान रोवमेन पॉवेल ने इस बात पर हामी भरी है कि अपने घर में वर्ल्ड कप खेलने किसी भी दबाव से कम नहीं होता है। यही नहीं उन्होंने यह भी कहा कि वेस्टइंडीज टीम आगामी मुकाबलों के लिए पूरी तरह से तैयार है और उनको अपने घर में हराना किसी भी टीम के लिए इतना आसान नहीं होगा।
बता दें, इस महत्वपूर्ण टूर्नामेंट में वेस्टइंडीज टीम का प्रदर्शन अभी तक काफी अच्छा रहा है और उन्होंने सुपर 8 में अपनी जगह पक्की कर ली है। वेस्टइंडीज ने अभी तक इस महत्वपूर्ण टूर्नामेंट में तीन मैच खेले हैं और तीनों में उन्होंने जीत दर्ज की है। अब उन्हें अपना अंतिम ग्रुप स्टेज मैच अफगानिस्तान के खिलाफ सेंट लूसिया में खेलना है। इसके बाद टीम को सुपर 8 में अपना पहला मैच 19 जून को इंग्लैंड के खिलाफ इसी वेन्यू पर खेलना होगा।
रोवमेन पॉवेल ने कहा कि, ‘मुझे लगता है कि दबाव हमेशा होता है जब आप अपने घर में वर्ल्ड कप खेल रहे होते हैं। लेकिन सवाल हमेशा यही रहता है कि आप व्यक्तिगत रूप में एक खिलाड़ी की तरह कितना दबाव झेल पाते हैं। जब पिछले 12 से 14 महीने पहले मैंने कप्तानी का जिम्मा लिया था तब हमारी रैंकिंग 8वीं या 9वीं थी। अपने आप को तीसरे नंबर पर देखना सच में काफी अच्छा लगता है। इसके पीछे सभी खिलाड़ियों की मेहनत है जिन्होंने साथ मिलकर अपनी टीम के लिए अच्छा प्रदर्शन किया है।
मैंने कभी भी नंबर तीन की वेस्टइंडीज टीम में नहीं खेला है। उम्मीद करता हूं कि इस बार हमारे लिए कुछ स्पेशल हो और हम अपनी रैंकिंग में ऐसे ही इजाफा करते रहें। हमारी टीम में कई आक्रामक खिलाड़ी हैं जो इस टूर्नामेंट में अपनी छाप छोड़ सकते हैं। आगामी मैच में हम उसी तरह से प्रदर्शन करेंगे जैसा अभी तक किया है।’
सेंट लूसिया की पिच को लेकर वेस्टइंडीज के कप्तान ने रखा अपना पक्ष
रोवमेन पॉवेल ने आगे कहा कि, ‘सेंट लूसिया ऐसी जगह है जहां बल्लेबाजों को बल्लेबाजी करनी पसंद है। लेकिन इस मैदान पर गेंदबाजों ने भी काफी अच्छे स्पेल फेंके हैं। खासतौर पर तेज गेंदबाजों ने। हालांकि अगर यह कहा जाए कि किसको ज्यादा मुनाफा मिलता है तो मैं यह कहूंगा कि बल्लेबाजों के लिए यहां 60% ज्यादा मदद है जबकि 40% गेंदबाजों के लिए है।’
वेस्टइंडीज के लिए सबसे अच्छी बात यह है कि उनके सभी गेंदबाज इस समय काफी अच्छे फॉर्म में है और अफगानिस्तान के खिलाफ आगामी मैच में भी वो अपनी छाप जरूर छोड़ना चाहेंगे। यह बात भी सभी टीमों को काफी अच्छी तरह से पता होगी कि वेस्टइंडीज को उनके ही घर में हराना इतना आसान नहीं है।