Ranji Trophy 2022-23: इस सीजन के खत्म होने के बाद क्रिकेट से संन्यास ले सकते हैं मनोज तिवारी
मनोज ने रणजी में शुक्रवार को यूपी के खिलाफ दूसरी पारी में 60* रनों की नाबाद पारी खेली थी।
अद्यतन - दिसम्बर 17, 2022 12:17 अपराह्न

मनोज तिवारी के यूपी के खिलाफ महत्वपूर्ण नाबाद 60 रनों की बदौलत बंगाल ने शुक्रवार 16 दिसंबर को हुए रणजी के मुकाबले में 6 विकेट से जीत दर्ज की है। हालांकि अपनी इस पारी के बाद मनोज तिवारी ने अपने रिटायरमेंट की ओर इशारा करते हुए कहा कि वह बाहर जाते समय बंगाल को रणजी ट्रॉफी खिताब दिलाना चाहते हैं।
गौरतलब है कि रणजी ट्राॅफी के पिछले सीजन में बंगाल ने सेमीफाइनल में जगह बनाई थी, लेकिन टीम मध्यप्रदेश से हार कर टूर्नामेंट से बाहर हो गई थी। बता दें कि बंगाल ने आखिरी बार साल 1989-90 में रणजी ट्राॅफी को जीता था।
वहीं साल 2005-06, 2006-07 और 2019-20 के रणजी सीजन में फाइनल में पहुंचने वाली बंगाल टीम का मनोज तिवारी हिस्सा रहे, लेकिन अभी तक एक बार भी टीम के लिए खिताब नहीं जीत पाए हैं। तो वहीं अब इस सीजन में तिवारी ने बंगाल के लिए खिताब जीतने की इच्छा जताई है और कहा है कि उनकी टीम को खेल को अगले स्तर तक ले जाना होगा।
मनोज तिवारी का बड़ा बयान
बता दें कि यूपी के खिलाफ मैच खत्म होने के बाद ईएसपीएनक्रिकइंफो के हवाले से उन्होंने पत्रकारों से कहा, हमें एक चैंपियन टीम की तरह खेलना होगा, हम आज जीत गए, लेकिन ऐसा नहीं है कि हमने असाधारण क्रिकेट खेली।
अगर हम सीजन दर सीजन देखें तो कई ऐसे मौके रहे जब हमने खराब गेंदबाजी की थी। तो वहीं हमारे ओपनर बल्लेबाजों को रन बनाने होंगे और अगर हमें रणजी ट्रॉफी जीतनी है तो हमें अपने खेल को अगले स्तर पर ले जाना होगा।
तिवारी ने आगे कहा, मैं टीम को लीड करने को लेकर काफी निश्चिंत हूं। जब मैंने पहली बार साल 2018-19 के दौरान फर्स्ट क्लास क्रिकेट में कप्तान के तौर पर कदम रखा तो मुझे वनडे और टी-20 फाॅर्मेट में कप्तानी जारी रखने के लिए कहा गया था।
लेकिन इसके बाद मैंने उन्हें यह कहते हुए मना कर दिया था कि हमें एक युवा को कप्तान के तौर पर तैयार करने की आवश्यकता है। लेकिन अभिमन्यु की अनुपस्थिति में, मुझे एहसास हुआ कि मुझे यह जिम्मेदारी लेनी होगी क्योंकि फैसला लेना खेल का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।