मुंबई को हराकर मध्य प्रदेश ने रचा इतिहास, पहली बार जीता रणजी ट्रॉफी का खिताब - क्रिकट्रैकर हिंदी

मुंबई को हराकर मध्य प्रदेश ने रचा इतिहास, पहली बार जीता रणजी ट्रॉफी का खिताब

मैच के आखिरी दिन मध्य प्रदेश को मिली शानदार जीत।

Ranji Trophy (Photo Source: Twitter)
Ranji Trophy (Photo Source: Twitter)

मध्य प्रदेश ने 41 बार की चैंपियन टीम मुंबई को रणजी ट्रॉफी के फाइनल मुकाबले में 6 विकेट से हराकर पहली बार खिताब पर कब्जा किया। आखिरी दिन मुंबई ने एमपी के सामने जीत के लिए 108 रनों का लक्ष्य रखा था जिसे टीम ने 29.5 ओवर में ही हासिल कर लिया। मध्य प्रदेश की इस जीत के हीरो यश दुबे, शुभम शर्मा और रजत पाटीदार रहे जिन्होंने पहली पारी में शतक जड़ टीम को बढ़त दिलाई थी।

पहले सत्र में मध्य प्रदेश के गेंदबाजों ने किया अच्छा प्रदर्शन

मैच के चौथे दिन के आखिरी सत्र में मुंबई के बल्लेबाजों ने आक्रामक अंदाज में बल्लेबाजी की थी और उसे देखकर ऐसा लग रहा था कि जब मुकाबले के आखिरी दिन मुंबई के बल्लेबाज बल्लेबाजी करने आएंगे तो वो इसी अंदाज में बल्लेबाजी करेंगे, लेकिन ऐसा कुछ भी देखने को नहीं मिला।

अरमान जाफर और सुवेद पारकर ने टीम की पारी को आगे बढ़ाया और दोनों के बीच 56 रनों की साझेदारी हुई। जाफर जहां 37 रन बनाकर आउट हुए वहीं सुवेद पारकर ने अपना अर्धशतक पूरा किया और 51 रन बनाकर कार्तिकेय के गेंद पर बोल्ड हुए। दूसरी पारी में यशस्वी जायसवाल कुछ खास कमाल नहीं दिखा सके और एक रन बनाकर आउट हो गए

दूसरी पारी में भी चमके सरफराज

सरफराज खान जिन्होंने मुंबई के लिए पहली पारी में शानदार शतक जड़ा था, उन्होंने मुंबई के लिए दूसरी पारी में भी कमाल का प्रदर्शन किया और तेज गति से 45 रन बनाए। हालांकि सरफराज के अलावा मुंबई का कोई और बल्लेबाज कुछ खास कमाल नहीं दिखा सका। दूसरी पारी में मुंबई की टीम 269 रनों पर ऑल आउट हुई और मध्य प्रदेश के सामने जीत के लिए 108 रनों का लक्ष्य रखा था। मध्य प्रदेश के लिए दूसरी पारी में सबसे सफल गेंदबाज कुमार कार्तिकेय रहे और उन्होंने चार विकेट अपने नाम किए। वहीं पार्थ सहनी और गौरव यादव को दो-दो विकेट मिले।

हिमांशु और पाटीदार ने पहुंचाया मध्य प्रदेश को जीत तक

लक्ष्य का पीछा करने उतरी मध्य प्रदेश की भी शुरुआत कुछ अच्छी नहीं रही। टीम को पहला झटका दूसरे ही ओवर में लग गया जब यश दुबे 1 रन बनाकर पवेलियन लौट गए। इसके बाद हिमांशु मंत्री और शुभम शर्मा के बीच 52 रनों की साझेदारी हुई। टीम को दूसरा झटका हिमांशु के रूप में लगा जो 37 रन बनाकर आउट हुए।

हालांकि कुछ और विकेट गिरने के बावजूद मध्य प्रदेश की टीम धीरे-धीरे जीत के करीब पहुंच गई थी। 101 के स्कोर पर जब शुभम शर्मा आउट हुए तो वहां से टीम को जीत की दहलीज तक पहुंचाने का काम रजत पाटीदार ने किया और उन्होंने ही विनिंग शॉट को लगाकर मध्य प्रदेश को चैंपियन बनाया।

मध्य प्रदेश के चैंपियन बनने पर फैंस ने दिए कुछ ऐसे रिएक्शन