रणवीर की फिल्म 83 रिलीज होने से पहले फंसी मुश्किल में, फिल्म मेकर्स पर लगा धोखाधड़ी का आरोप - क्रिकट्रैकर हिंदी

रणवीर की फिल्म 83 रिलीज होने से पहले फंसी मुश्किल में, फिल्म मेकर्स पर लगा धोखाधड़ी का आरोप

रणवीर सिंह की इस फिल्म को 24 दिसंबर को सिनेमाघरों में रिलीज किया जाएगा।

Ranveer Singh and Deepika Padukone
Ranveer Singh and Deepika Padukone. (Photo Source: Instagram)

रणवीर सिंह की फिल्म 83 ने  रिलीज होने से पहले ही बहुत प्रचार कर चुकी है और सभी प्रशंसक सिनेमाघरों में इस फिल्म के आने का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। यह फिल्म 1983 वर्ल्ड कप में भारत की जोरदार जीत पर आधारित है। 24 दिसंबर को सिल्वर स्क्रीन पर रिलीज होने वाली इस फिल्म में दिखाया जाएगा कि कैसे कपिल देव की अगुवाई वाली टीम ने तमाम मुश्किलों को पार करते हुए इंग्लैंड में खिताब अपने नाम किया।

रणवीर और दीपिका की फिल्म ’83’ (83 movie) अभी रिलीज भी नहीं हुई है और और उससे पहले ही मुश्किल में फंस गई है। इस फिल्म के मेकर्स के खिलाफ यूएई के रहने वाले एक फाइनैंसर ने धोखाधड़ी और षड्यंत्र करने का आरोप लगाया है। इस सिलसिले में फाइनैंसर ने मुंबई की मेट्रोपॉलिटन कोर्ट में शिकायत भी दर्ज करवाई है।

रणवीर और दीपिका के ऊपर क्यों लगे आरोप, क्या है पूरा मामला ?

फाइनैंसर ने ’83’ के मेकर्स के साथ-साथ दीपिका पादुकोण पर भी धोखाधड़ी करने का आरोप लगाया है। शिकायत में फिल्म के डायरेक्टर कबीर खान और प्रड्यूसर साजिद नाडियाडवाला समेत अन्य लोगों के नाम भी शामिल हैं।

फाइनैंसर का आरोप है कि लगभग 16 करोड़ रुपये का निवेश करने के बाद उनकी कंपनी को विब्री मीडिया द्वारा अच्छे रिटर्न का वादा किया गया था। लेकिन बाद में उस फंड को कबीर खान, साजिद नाडियाडवाला और दीपिका पादुकोण ने फिल्म से जुड़े अन्य कामों में इस्तेमाल कर लिया।

आरोपी का कहना है कि पैसों के इस्तेमाल के लिए उससे सहमति भी नहीं ली थी। लेकिन अब जब फाइनैंसर को हटा दिया गया है तो ऐसे में उसने ’83’ के मेकर्स के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है। ’83’ को साजिद नाडियाडवाला के अलावा फैंटम फिल्म्स, विबरी मीडिया, दीपिका पादुकोण,कबीर खान और रिलायंस एंटरटेनमेंट ने मिलकर बनाया है।

फाइनैंसर के वकील रिजवान सिद्दीकी ने कहा है कि, “यह बात बिल्कुल सच है कि मेरे क्लाएंट ने फिल्म ’83’ के मेकर्स के खिलाफ धोखाधड़ी और साजिश की शिकायत दर्ज कराई है, क्योंकि मेरे क्लाएंट के पास कानूनी रास्ता लेने के अलावा कोई दूसरा विकल्प नहीं था।”