‘हताशा में लिया संन्यास’: चेतेश्वर पुजारा के संन्यास पर पूर्व ऑलराउंडर
पुजारा ने हाल ही में अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट के सभी प्रारूपों से संन्यास ले लिया है।
अद्यतन - अगस्त 26, 2025 12:47 अपराह्न

भारत के पूर्व ऑलराउंडर करसन घावरी का मानना है कि पुजारा के सन्यास के पीछे की वजह उनकी “हताशा” है। हाल ही में भारत के टेस्ट के दिग्गज चेतेश्वर पुजारा ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को अलविदा कहा, जिसके बाद घावरी ने इस पर अपने विचार साझा किए, उन्होंने कहा कि इसकी काफी संभावना है कि टीम में लगातार अपनी जगह न बना पाने की वजह से पुजारा ने सन्यास की घोषणा की होगी। आखिरी बार पुजारा ने भारत के लिए जून 2023 में टेस्ट मुकाबला खेला था।
उनका मानना है कि रोहित और विराट के सन्यास की वजह भी यही होगी, जहां यह दिग्गज खिलाडी इतने अनुभव होने के बावजूद टीम में जगह नहीं बना पाए, जिसकी वजह से आखिरकार उन्हें सन्यास ही लेना पड़ा। 74 वर्षीय घावरी ने कहा कि यह तीनों शीर्ष बल्लेबाज एक शानदार विदाई के हकदार थे, पर बीसीसीआई ने इनके करियर को संभालने के लिए कोई मेहनत नहीं की।
रोहित-विराट की भी होगी यही वजह: घावरी
मिड-डे के अनुसार, घावरी ने कहा, “हो सकता है कि उन्होंने हताशा में संन्यास लिया हो। इतने लंबे समय तक देश का प्रतिनिधित्व करने के बाद, अगर किसी खिलाड़ी को मौके नहीं मिल रहे हैं, तो कोई भी हताश होगा। इसी तरह, विराट कोहली और रोहित शर्मा ने भी हाल ही में इंग्लैंड दौरे से पहले यही हताशा महसूस की होगी। बीसीसीआई के अपने विचार हो सकते हैं, लेकिन अंततः नुकसान खिलाड़ी को ही होता है। ये खिलाड़ी करोड़ों रुपये की मांग नहीं कर रहे हैं। यह सब सम्मान की बात है और वे सभी उस विदाई टेस्ट के 110 प्रतिशत हकदार थे।”
घावरी ने आगे कहा, “जिन लोगों ने 100 टेस्ट मैच खेले हैं, उन्हें विदाई मैच से सम्मानित किया जाना चाहिए। बीसीसीआई को कोहली, रोहित और पुजारा को यह सम्मान देना चाहिए था क्योंकि कोई भी अपने करियर का अंत इस तरह नहीं करना चाहता। अगर किसी ने 100 या उससे ज्यादा टेस्ट मैचों में देश का प्रतिनिधित्व किया है, तो यह निश्चित रूप से एक बड़ा योगदान है।