रॉबिन उथप्पा की हिम्मत तो देखो, अब वो भी विराट की फॉर्म पर कमेंट करने लगे हैं - क्रिकट्रैकर हिंदी

रॉबिन उथप्पा की हिम्मत तो देखो, अब वो भी विराट की फॉर्म पर कमेंट करने लगे हैं

रॉबिन उथप्पा ने यह भी कहा कि कई बार खिलाड़ियों को अकेले ही लड़ाई लड़नी पड़ती है।

Virat Kohli and Robin Uthappa. (Photo Source: Getty Images)
Virat Kohli and Robin Uthappa. (Photo Source: Getty Images)

पूर्व भारतीय क्रिकेटर रॉबिन उथप्पा ने इस वक्त खराब फॉर्म से गुजर रहे विराट कोहली को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने उम्मीद जताया है कि भारतीय बल्लेबाज विराट कोहली के पास कोई ऐसा व्यक्ति होगा जिसके बारे में वह बात कर सके और बिना किसी डर के वो उनसे सभी बातें साझा कर सकें, खासकर जब वह मौजूदा दौर की तरह कठिन वक्त से गुजर रहे हो।

कोहली ने लगभग 30 महीनों से कोई शतक नहीं बनाया है और कोहली भी अपने इस फॉर्म से काफी परेशान होंगे। वह भारत के सर्वश्रेष्ठ ऑल-फॉर्मेट बल्लेबाज और दुनिया में सर्वश्रेष्ठ थे, लेकिन पिछले कुछ समय में, उनकी रन बनाने की क्षमता गिर गई। इस तरह की स्थिति से वह कैसे निपट सकते हैं, इस बारे में बोलते हुए, उथप्पा ने अपनी राय रखी है।

विराट के खराब फॉर्म को लेकर रॉबिन उथप्पा का बयान

Mind Over Medals शो में बात करते हुए रॉबिन उथप्पा ने कहा कि, “विशेष रूप से जब किसी खिलाड़ी की आलोचना होती है तो उसमें काफी शक्ति होती है। ये आपके ऊपर निर्भर करता है कि आप इसे व्यक्त करके इससे निपटते हैं। इस दौरान आपको उस व्यक्ति के साथ रहने की जरूरत है जिसके साथ आप सहज महसूस करते हैं, जिस पर आप पूरी तरह से भरोसा करते हैं। अगर आपको लगता है कि कोई उदास है, तो आप उनसे पूछें ‘अरे, आप कैसे हैं? क्या आप कुछ के बारे में बात करना चाहते हैं?

रॉबिन उथप्पा ने यह भी कहा कि उन्हें उम्मीद है कि किसी को भारतीय क्रिकेट के दिग्गज विराट कोहली के लिए उस तरह की सहानुभूति मिल रही होगी, क्योंकि बल्लेबाज ने दो साल से अधिक समय से शतक नहीं बनाया है। उथप्पा ने उम्मीद जताई है कि कोहली को कोई न कोई ऐसा जरूर मिल जाएगा जिस पर वह भरोसा कर सकें, उथप्पा ने यह भी कहा कि कई बार खिलाड़ियों को अकेले ही लड़ाई लड़नी पड़ती है।

उन्होंने कहा कि, “मुझे वास्तव में उम्मीद है कि कोई विराट कोहली के साथ ऐसा कर रहा है, क्योंकि उसके जैसे किसी के लिए यह बहुत कठिन है, इस तरह के विचार उनके दिमाग में चल रहे होंगे। मैं वास्तव में आशा करता हूं कि उनके साथ कोई ऐसा व्यक्ति होगा जिस पर वह पूरी तरह से भरोसा कर सकते हों और अपने मन की बात साझा कर सके हों। इस तरह की लड़ाई खिलाड़ियों को अकेले ही लड़नी होती है।”