जीत के साथ टेस्ट क्रिकेट को अलविदा कहने वाले दिग्गज कीवी बल्लेबाज ने बताया क्यों यह लम्हा रहा उनके लिए खास - क्रिकट्रैकर हिंदी

जीत के साथ टेस्ट क्रिकेट को अलविदा कहने वाले दिग्गज कीवी बल्लेबाज ने बताया क्यों यह लम्हा रहा उनके लिए खास

न्यूजीलैंड बनाम बांग्लादेश की मौजूदा सीरीज के दौरान रॉस टेलर ने टेस्ट करियर को अलविदा कह दिया।

Ross Taylor
Ross Taylor. (Photo by Alex Davidson/Getty Images)

मौजूदा समय में न्यूजीलैंड के सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाजों में एक रॉस टेलर ने हाल ही क्रिकेट के सबसे लंबे प्रारूप से संन्यास ले लिया हैं। उन्होनें बांग्लादेश के खिलाफ अपने अंतरराष्ट्रीय टेस्ट करियर का अतिंम मैच खेला। इस मैच में कीवी टीम ने बड़े अंतर से जीत हासिल की। यह मैच रॉस टेलर के लिए बल्लेबाज के रूप में तो औसत रहा लेकिन मैच की आखिरी गेंद पर उन्होनें विकेट लेकर अपने करियर को एक सुनहरे मोड़ पर खत्म किया।

न्यूजीलैंड को दूसरे मैच में जीत के लिए आखिरी विकेट की तलाश थी। लेकिन खराब रोशनी के कारण अंपायरों ने कीवी कप्तान टॉम लेथम को केवल स्पिन गेंदबाजों से गेंदबाजी करवाने की अनुमति दी। ऐसे में दर्शकों के उत्साह देखते हुए उन्होनें गेंद आखिरी मैच खेल रहे रॉस टेलर को थमा दी।

बांग्लादेशी टीम अब तक 9 विकेट खो चुकी थी। बांग्लादेश के लिए 11 नंबर के बल्लेबाज इबादत हुसैन क्रीज पर बल्लेबाजी कर रहे थे। शुरूआती दो गेंदों पर इबादत हुसैन ने डिफेंस किया। लेकिन ओवर की तीसरी गेंद पर हुसैन ने बड़ा शॉट खेलना चाहा लेकिन टेलर उन्हें फ्लाइटेड गेंद डालकर टॉम लेथम के हाथों कैच करवा दिया। इस प्रकार न्यूजीलैंड ने पारी और 117 रनों से जीत हासिल की।

सीरीज के परिणाम के लिए यह जीत बेहद महत्वपूर्ण थी

दूसरा टेस्ट मैच खत्म होने के बाद रॉस टेलर ने बताया कि वह कुछ इसी तरीके से अपने टेस्ट करियर को अंजाम तक ले जाना चाहते थे। वहीं पहले टेस्ट मैच में हार का सामना करने के बाद कीवी टीम के लिए इस टेस्ट मैच में जीत हासिल करना बेहद जरूरी था, ताकि सीरीज को 1-1 से बराबरी पर खत्म किया जा सके। जिससे ऐसा होने पर टेलर ने भी अपनी खुशी को व्यक्त किया।

वहीं रॉस टेलर की गेंदबाजी की बात करें तो यह उनके गेंदबाजी करियर का मात्र यह 16वां ओवर था। 2007 में डेब्यू करने वाले रॉस टेलर ने न्यूजीलैंड के लिए टेस्ट तथा वनडे में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज हैं। इसके अलावा टेलर ने अपने टेस्ट करियर में कुल तीन विकेट हासिल किए हैं।

वर्ल्ड टेस्ट चैपिंयनशिप के फाइनल में भारत पर जीत हासिल करने को रॉस टेलर ने अपने करियर सबसे बड़ी उपलब्धि बताया। अपने 117 टेस्ट मैच के करियर में कुल 7683 रन बनाए है। जिसमें उनका औसत 44.7 का रहा वहीं 14 साल लंबे करियर में टेलर ने 19 शतक और 35 अर्धशतक भी लगाए।