सर डॉन ब्रैडमैन द्वारा दिया गया वो बयान जिसको सोचकर आज भी खुशी से झूम उठते हैं सचिन तेंदुलकर - क्रिकट्रैकर हिंदी

सर डॉन ब्रैडमैन द्वारा दिया गया वो बयान जिसको सोचकर आज भी खुशी से झूम उठते हैं सचिन तेंदुलकर

भारतीय टीम के पूर्व खिलाड़ी सचिन तेंदुलकर को गॉड ऑफ क्रिकेट के नाम से भी जाना जाता है।

Sachin Tendulkar (Pic Source-twitter)
Sachin Tendulkar (Pic Source-twitter)

भारतीय टीम के पूर्व खिलाड़ी सचिन तेंदुलकर को गॉड ऑफ क्रिकेट के नाम से भी जाना जाता है। उन्होंने अपने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट करियर में कई रिकॉर्ड बनाए और तोड़े हैं। भले ही उन्होंने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से बहुत पहले ही संन्यास ले लिया हो लेकिन सचिन के चाहने वाले बहुत ही ज्यादा है।

साल 1990 में सचिन तेंदुलकर ने अपनी धुआंधार बल्लेबाजी से भारत को दुनिया के क्रिकेट में एक नई पहचान दी थी। उनकी बल्लेबाजी के लाखों लोग जाने वाले हैं। सचिन तेंदुलकर को तो कई लोग अपना आदर्श भी मानते हैं। खुद विराट कोहली ने यह बात कही है कि उनके और सचिन के बीच में कभी भी तुलना ना की जाए क्योंकि वो खुद उन्हें अपना आदर्श मानते हैं।

साल 1990 में सचिन तेंदुलकर ने सभी टीमों के खिलाफ काफी अच्छा प्रदर्शन किया था और किसी भी गेंदबाज को नहीं बख्शा था। अपने दूसरे ही वर्ल्ड कप में सचिन ने 523 रन जड़े और वो उस टूर्नामेंट के सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज बने। उसी साल सचिन तेंदुलकर को सर डॉन ब्रैडमैन से कुछ ऐसी तारीफ सुनने को मिली जिसको वह कभी नहीं भूल सकते।

सर डॉन ब्रैडमैन ने सचिन तेंदुलकर को लेकर कहा था कि, ‘ मैंने उनको टीवी में खेलते हुए देखा था और उनकी तकनीक को देखकर हैरान रह गया था। इसलिए मैंने अपनी पत्नी से कहा कि आइए और इसे खेलते हुए देखिए। मैंने कभी खुद को खेलते हुए नहीं देखा लेकिन सचिन को देखकर मुझे यही लगा कि हां, मैं ऐसा ही खेलता था। मेरी पत्नी ने भी सचिन को देखा और उन्होंने कहा कि हां, आप दोनों में कोई भी फर्क नहीं है। दोनों की तकनीक और खेलने का तरीका एक ही जैसा है।’

सचिन तेंदुलकर ने इस बयान को लेकर रखा अपना पक्ष

लगभग 26 साल बाद सचिन तेंदुलकर ने अब डॉन ब्रैडमैन के इन शब्दों को याद किया और कहा कि उन्होंने यह तब सुना था जब वह बहुत ही छोटे थे और यह सुनकर उन्हें काफी खुशी महसूस हुई थी।

ABC ऑस्ट्रेलिया डॉक्यूमेंट्री ब्रैडमैन और तेंदुलकर द अनटोल्ड स्टोरी में सचिन तेंदुलकर ने कहा कि, ‘यह बहुत ही मुश्किल सवाल है। यह सच में बहुत ही बड़ा बयान था। उस समय में 22 या 23 साल का था। इतनी छोटी उम्र में इतने बड़े खिलाड़ी से ऐसी बात सुनकर मुझे बहुत ही हैरानी हुई और खुशी भी। यह मेरे लिए सोने ‘GOLD’ की तरह था। यह मैं उनके परिवार के ऊपर छोड़ देता हूं कि हम दोनों एक जैसे ही खेलते थे।’

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