‘सचिन तेंदुलकर विराट कोहली जितने मजबूत नहीं थे’ Ab de Villiers का चौंकाने वाला बयान आया सामने
आइए आपको इस खबर के बारे में विस्तार से जानकारी देते हैं।
अद्यतन - अगस्त 20, 2026 8:03 अपराह्न

क्रिकेट गलियारों में अक्सर पूर्व भारतीय कप्तान व दिग्गज बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर और विराट कोहली की तुलना होती रहती है। और यह तुलना हो भी क्यों ना, क्योंकि चेज मास्टर विराट कोहली ने अपने 18 साल के इंटरनेशनल क्रिकेट करियर में महान सचिन तेंदुलकर के बहुत से क्रिकेट रिकाॅर्ड को अपने नाम किया है।
दूसरी ओर, अब इस तुलना में नया नाम साउथ अफ्रीका के पूर्व कप्तान एबी डिविलियर्स का जुड़ गया है। डिविलियर्स ने भारत के दिग्गज खिलाड़ियों सचिन तेंदुलकर और विराट कोहली की तारीफ की कि उन्होंने उपमहाद्वीप के बल्लेबाजों को दिखाया कि SENA देशों में कैसे सफल हुआ जा सकता है।
हालांकि, डिविलियर्स का मानना है कि विदेशी हालात में खुद को एक दमदार टेस्ट बल्लेबाज के तौर पर स्थापित करने के मामले में कोहली तेंदुलकर से ज्यादा मजबूत दिखते हैं। डिविलियर्स के इस बयान से क्रिकेट जगत में एक नई चर्चा शुरू हो गई है, जिसपर फैंस मिली-जुली प्रतिक्रियाएं देते हुए नजर आ रहे हैं।
Ab de Villiers का चौंकाने वाला बयान
हाल में ही एबी डिविलियर्स ने अपने यूट्यूब चैनल पर कहा “मुझे बहुत पहले के सचिन तेंदुलकर की याद आती है, जिन्होंने भारत के लिए वह ट्रेंड शुरू किया था। फिर भी, वह विराट कोहली जितने मजबूत नहीं थे, जो उनसे भी बेहतर थे। लेकिन, सचिन पहले ऐसे खिलाड़ी थे जिन्होंने दिखाया कि सब-कॉन्टिनेंट का बल्लेबाज होने के बावजूद, आप उछाल और सीमिंग वाली कंडिशंस में अच्छा खेल सकते हैं। विराट ने इसे आगे बढ़ाया और स्टैंडर्ड को और ऊंचा किया।”
दूसरी ओर, अगर सचिन और विराट के करियर के रिकाॅर्ड्स को पता करें, तो तेंदुलकर ने 2013 में टेस्ट क्रिकेट में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले खिलाड़ी के तौर पर अपना शानदार करियर खत्म किया। उन्होंने 200 मैचों में कुल 15,921 रन बनाए। वहीं, कोहली ने मई 2025 में अपना टेस्ट करियर खत्म किया और 123 टेस्ट मैचों में 9,230 रनों के साथ सबसे ज्यादा रन बनाने वालों की लिस्ट में 19वें स्थान पर रहे।
विदेशों में किए गए प्रदर्शन को देखें तो तेंदुलकर के कुल टेस्ट रनों का लगभग 55 प्रतिशत (यानी 8,705 रन) घरेलू मैदानों से बाहर बनाए, जिससे वे टेस्ट इतिहास में विदेशी परिस्थितियों में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले खिलाड़ी बन गए। कोहली ने भारत से बाहर 66 टेस्ट मैचों में 4,774 रन बनाए।
SENA देशों (दक्षिण अफ्रीका, इंग्लैंड, न्यूज़ीलैंड और ऑस्ट्रेलिया) में किए गए प्रदर्शन की तुलना करने पर भी यह अंतर साफ दिखता है। तेंदुलकर ने इन देशों में 63 टेस्ट मैचों में 51.30 की औसत से 5,387 रन बनाए, जिसमें 17 शतक और 23 अर्धशतक शामिल थे। इसके उलट, कोहली ने 46 टेस्ट मैचों में 42.08 की औसत से 3,661 रन बनाए, जिसमें 12 शतक और 14 अर्धशतक शामिल थे।
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