आखिर क्यों IPL मैच के दौरान जूही चावला को डांटने लगते हैं शाहरुख खान ? - क्रिकट्रैकर हिंदी

आखिर क्यों IPL मैच के दौरान जूही चावला को डांटने लगते हैं शाहरुख खान ?

केकेआर की सह-मालिक जूही चावला कई बार स्टैंड से टीम का समर्थन करते हुए नजर आती हैं।

Shah Rukh Khan and Juhi Chawla. (Photo by Prodip Guha/Getty Images)
Shah Rukh Khan and Juhi Chawla. (Photo by Prodip Guha/Getty Images)

क्रिकेट के प्रति बॉलीवुड के किंग खान यानी की शाहरुख खान का प्यार पूरी दुनिया में जग जाहिर है। अनुभवी अभिनेता इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) में कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) फ्रेंचाइजी के सह-मालिक हैं और उन्हें अक्सर स्टैंड से अपनी टीम को चीयर करते हुए देखा जाता है। वह अपनी भावनाओं को प्रदर्शित करने में कोई गुरेज नहीं करते हैं।

केकेआर की सह-मालिक जूही चावला को भी शाहरुख के साथ स्टैंड से टीम का समर्थन करते हुए देखा गया है। एक साथ कई फिल्में कर चुकीं दोनों की जोड़ी अच्छी बॉन्डिंग के लिए जानी जाती है। वहीं जूही ने खुलासा किया कि जब भी केकेआर कोई मैच हारता है तो शाहरुख उन्हें डांटना शुरू कर देते है।

आखिर क्यों जूही चावला को डांट लगाते हैं शाहरुख खान ?

अभिनेत्री ने यह भी खुलासा किया कि अगर मैच उनके पक्ष में नहीं जा रहा है तो वह पागल होकर प्रार्थना करना शुरू कर देती हैं। हाल ही में द कपिल शर्मा शो के एक एपिसोड में जूही चावला ने कहा कि, “जब चीजें टीम के  पक्ष में नहीं जाती हैं तब मैं भगवान को याद करती हूं, मंत्र पढ़ती हूं, सबके पैर पड़ लेती हूं मैं, हनुमान जी को तक नहीं छोड़ती, गायत्री मंत्र शुरू हो जाते हैं, सब करती हूं।”

उन्होंने आगे कहा कि, “दुसरी ओर, शाहरुख खान मुझे डांटने लगते हैं। ‘वह कैसी गेंदबाजी कर रहे हैं? गेंदबाजी फील्डिंग के हिसाब से होनी चाहिए। यह सही नहीं है। मुझे एक टीम मीटिंग बुलानी चाहिए’, वह बुदबुदाता है। मैं बस वहीं खड़ी रहती हूं, मुझे नहीं पता कि क्या करना है।”जूही ने यह भी खुलासा किया कि जब भी केकेआर कोई गेम हारता है तो शाहरुख टीम मीटिंग बुलाते हैं।

जूही ने बताया कि जब भी KKR मैच हारती है तो शाहरुख खान टीम मीटिंग बुलाते हैं। ऐसे में मैच के बाद उन्होंने सोचा कि शाहरुख मीटिंग बुलाएंगे और सबको झाड़ लगाएंगे। लेकिन मीटिंग में कुछ और ही हुआ। जूही ने बताया कि, वहां पर क्या होता है। शाहरुख शुरू हो जाते हैं, इधर की बातें, उधर की बातें, इस मैच की बातें, ये मजेदार बातें, वो मजेदार बातें, किसी को कुछ नहीं बोलते। आखिर में बस यह कहते हैं अच्छा खेलना।”