शाहिद कपूर भी कूद पड़े रोहित शर्मा-विराट कोहली कप्तानी विवाद में - क्रिकट्रैकर हिंदी

शाहिद कपूर भी कूद पड़े रोहित शर्मा-विराट कोहली कप्तानी विवाद में

शाहिद की इस फिल्म में वह एक क्रिकेटर की भूमिका निभा रहे हैं।

Shahid Kapoor. (Photo by Ashish Vaishnav/SOPA Images/LightRocket via Getty Images)
Shahid Kapoor. (Photo by Ashish Vaishnav/SOPA Images/LightRocket via Getty Images)

हाल ही में 1983 वनडे वर्ल्ड कप जीत पर आधारित ’83’ फिल्म रिलीज हुई थी, जिसके बाद अब क्रिकेट पर आधारित एक और फिल्म ‘जर्सी’ की चर्चा हो रही है। जाहिर है भारत में सबसे ज्यादा देखे जाने वाले खेल के ऊपर फिल्म बनी है तो इसमें मुख्य भूमिका निभा रहे शाहिद कपूर से क्रिकेट को लेकर सवाल पूछे ही जाएंगे। कुछ ऐसा ही पिछले दिनों हुआ जब उनसे भारतीय टेस्ट और लिमिटेड ओवर्स टीम के अलग-अलग कप्तान की नियुक्ति को लेकर उनकी राय पूछी गई।

शाहिद कपूर ने रोहित-कोहली विवाद पर रखी अपनी राय

अपनी फिल्म ‘जर्सी’ के प्रमोशन के दौरान शाहिद कपूर ने टाइम्स ऑफ इंडिया से बातचीत की। इस दौरान भारत की टेस्ट और सीमित ओवरों की टीम का अलग कप्तान नियुक्त किए जाने पर उनसे पूछा गया, जिसपर उन्होंने कहा, “मेरे ख्याल से यह निर्णय भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) को करना चाहिए। पर हां, इस फैसले के फायदे और नुकसान दोनों हैं लेकिन जो भी हो, टीम के हित में ही फैसला लिया जाना चाहिए।”

गौरतलब है कि कुछ सप्ताह पहले विराट कोहली को अचानक वनडे कप्तानी से हटाकर रोहित शर्मा को नया कप्तान नियुक्त किया गया था। जब से इस बात की घोषणा हुई, तब से फैंस और पूर्व क्रिकेटर इस मुद्दे पर अपने-अपने विचार साझा कर रहे हैं। कई लोगों ने भारत के टेस्ट कप्तान कोहली और बीसीसीआई के बीच पारदर्शिता की कमी की भी आलोचना की।

दक्षिण अफ्रीका दौरे पर रवाना होने से पहले हुई आधिकारिक प्रेस वार्ता में विराट कोहली ने कहा था कि मुख्य चयनकर्ता ने टेस्ट टीम के चयन से डेढ़ घंटे पहले उन्हें फोन किया और कॉल के अंत में बताया कि सभी चयनकर्ताओं ने उन्हें वनडे कप्तानी से हटाने का फैसला किया है। वहीं, बोर्ड अध्यक्ष सौरव गांगुली ने कुछ दिन पहले कहा था कि उन्होंने विराट को टी20I कप्तानी नहीं छोड़ने के लिए कहा था। इसपर कोहली ने कहा कि उनके पास इस तरह की कोई भी सिफारिश नहीं आई थी।

हालांकि, सीमित ओवरों और टेस्ट टीम के लिए अलग कप्तान रखने का चलन नया नहीं है। इंग्लैंड, ऑस्ट्रेलिया और वेस्टइंडीज जैसे देशों में काफी पहले से यह सिलसिला शुरू हो चुका था, लेकिन भारत में यह पहली बार हो रहा है। अब देखना होगा कि टीम इंडिया को अलग-अलग कप्तान रखने से फायदा होता है या नुकसान।