‘वह कप्तानी के लायक…’: दानिश कनेरिया ने शाकिब अल हसन को लेकर दिया चौंकाने वाला बयान
दानिश कनेरिया ने बांग्लादेश की टेस्ट कप्तानी के लिए शाकिब अल हसन से बेहतर विकल्प सुझाया।
अद्यतन - दिसम्बर 16, 2022 4:48 अपराह्न

बांग्लादेश और भारत के बीच इस समय चट्टोग्राम में खेले जा रहे पहले टेस्ट मैच में टीम इंडिया की जीत की संभावनाएं काफी मजबूत नजर आ रही है। भारतीय क्रिकेट टीम ने पहली पारी में 404 रन बनाए, जिसके जवाब में बांग्लादेश क्रिकेट टीम केवल 150 रन बना पाई।
जिसके बाद मेहमान टीम ने दूसरी पारी में दो विकेट के नुकसान पर 258 रन बनाकर अपनी पारी घोषित कर दी। अब बांग्लादेश के सामने पहले टेस्ट में जीत के लिए 513 रनों का विशाल स्कोर है, और अगर भारतीय गेंदबाज एक बार फिर हावी रहे तो फिर टीम इंडिया की जीत पक्की है। इस बीच, पाकिस्तान के पूर्व स्पिनर दानिश कनेरिया ने बांग्लादेश के टेस्ट कप्तान शाकिब अल हसन के खिलाफ सनसनीखेज बयान दिया है।
शाकिब अल हसन कप्तानी के लायक नहीं हैं: दानिश कनेरिया
दरअसल, दानिश कनेरिया का मानना है कि शाकिब अल हसन ने भारत के खिलाफ जारी दो मैचों की टेस्ट सीरीज के पहले मैच में अपने गेंदबाजों का अच्छा इस्तेमाल नहीं किया, नतीजन यह मैच उनके हाथों से फिसल गया। पूर्व पाकिस्तानी क्रिकेटर ने आगे कहा शाकिब बांग्लादेश की टेस्ट कप्तानी के लायक नहीं है, बल्कि लिटन दास को यह जिम्मेदारी सौंपी जानी चाहिए। उन्होंने यह बयान बांग्लादेश के खिलाफ टीम इंडिया के मैच के दूसरे दिन पूरी तरह से हावी रहने के बाद दिया।
दानिश कनेरिया ने अपने यूट्यूब चैनल पर कहा: “हां, मैं मानता हूं कि एबादत हुसैन को चोट के कारण मैदान से बाहर जाना पड़ा, लेकिन जब वो लौटे, तो भी शाकिब अल हसन ने उनसे ज्यादा गेंदबाजी नहीं कराई। उन्होंने इस मैच में खालिद अहमद का भी सही से इस्तेमाल नहीं किया। भारत के खिलाफ शाकिब की कप्तानी निराशाजनक थी। मुझे लगता है बांग्लादेश के खिलाड़ी शाकिब की कप्तानी में नहीं खेलना चाहते।
लिटन दास टेस्ट कप्तानी के लिए एक बेहतर विकल्प हो सकते हैं, खासकर जिस तरह उन्होंने भारत के खिलाफ बांग्लादेश को वनडे सीरीज जीतने में मदद की। इसमें कोई शक नहीं कि शाकिब बड़े खिलाड़ी हैं, लेकिन अब वह कप्तानी के लायक नहीं हैं।” पूर्व पाकिस्तानी स्पिनर ने अंत में कहा चटोग्राम का विकेट अन्य बांग्लादेशी विकेटों से अलग है, जो तेज गेंदबाजों के लिए बेहद शानदार है। शाकिब अल हसन चोटिल थे और वह ज्यादा गेंदबाजी नहीं कर सकते थे, तो फिर क्या उसका खेलना जरूरी था? वे अपनी जगह एक अतिरिक्त गेंदबाज को खिला सकते थे।