शोएब अख्तर ने अपनी टी-20 वर्ल्ड कप 2007 की जर्सी चैरिटी के लिए दान करते हुए प्रशंसकों से पूछा दिलचस्प सवाल
पीसीबी (PCB) ने शोएब अख्तर को उनके अत्यधिक आक्रामक व्यवहार कारण उन्हें वापस पाकिस्तान भेज दिया था।
अद्यतन - Oct 3, 2022 2:12 pm

पाकिस्तान के पूर्व तेज गेंदबाज शोएब अख्तर ने चैरिटी के लिए अपनी आईसीसी टी-20 वर्ल्ड कप 2007 की जर्सी दान करते हुए एक सवालिया ट्वीट कर अपने प्रशंसकों को असमंजस में डाल दिया है। दरअसल, रावलपिंडी एक्सप्रेस ने अखुवाटी को चैरिटी के लिए अपनी टी-20 वर्ल्ड कप 2007 की जर्सी दान करने की घोषणा करते हुए अपने प्रशंसकों से अनुमान लगाने के लिए कहा कि आखिर क्यों उन्हें टूर्नामेंट से वापस पाकिस्तान भेज दिया गया था।
आपको बता दें, शोएब अख्तर ने बर्मिंघम में एजबेस्टन क्रिकेट ग्राउंड में एक चैरिटी के लिए अपनी जर्सी दान की, जिसका पैसा एक गैर-लाभकारी संगठन अखुवत को जाएगा, जो ब्याज मुक्त माइक्रोफाइनेंस और शिक्षा के माध्यम से सामाजिक और आर्थिक रूप से परेशान लोगों को सशक्त बनाकर गरीबी को कम करने के लिए काम करता है।
शोएब अख्तर ने अपनी टी-20 वर्ल्ड कप 2007 की जर्सी दान की
इस बीच, शोएब अख्तर ने ट्विटर पर अपनी टी-20 वर्ल्ड कप 2007 की जर्सी की कुछ तस्वीरें साझा करते हुए कैप्शन में लिखा: “मैं यह जर्सी बर्मिंघम में एजबेस्टन क्रिकेट ग्राउंड में चैरिटी के लिए अखुवत को दे रहा हूं। यह 2007 टी-20 वर्ल्ड कप की मेरी जर्सी है। लेकिन रुकिए, मैंने इस टूर्नामेंट में खेला भी नहीं था, मुझे उस दक्षिण अफ्रीका के दौरे से किसी कारण वापस पाकिस्तान भेज दिया गया था। जब वह घटना घटित हुई थी, तो मैंने इस जर्सी को पहना हुआ था। किस-किस को याद है वो कारण???”
https://twitter.com/shoaib100mph/status/1576544128258965504?
आपको बता दें, पाकिस्तान के दिग्गज तेज गेंदबाज को टीम के साथी मोहम्मद आसिफ के साथ विवाद के बाद टी-20 वर्ल्ड कप 2007 स्क्वॉड को छोड़कर जाने के लिए कहा गया था। दरअसल, दोनों खिलाड़ियों के बीच किसी मैच से पहले जोहान्सबर्ग में टीम के नेट सत्र के दौरान काफी बहस हो गई थी। जिसके बाद शोएब ने आसिफ की जांघ पर बल्ले से वार कर दिया था, नतीजन पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) को हस्तक्षेप करना पड़ा।
पीसीबी (PCB) ने यह भी दावा किया था कि शोएब ने आसिफ को शारीरिक रूप से हानि पहुंचाने के अलावा अभद्र भाषा का भी इस्तेमाल किया था। रावलपिंडी एक्सप्रेस के अत्यधिक आक्रामक व्यवहार ने पीसीबी (PCB) को उन्हें दक्षिण अफ्रीका से वापस पाकिस्तान भेजने के लिए मजबूर कर दिया था।