क्यों हुए रोहित सिडनी टेस्ट से बहार? इरफान पठान ने किया बड़ा खुलासा
इरफान पठान ने दावा किया है कि अगर रोहित शर्मा टीम के कप्तान न होते, तो 2024 के दूसरे हिस्से में उनका टेस्ट टीम में बने रहना मुश्किल हो जाता। आइए आपको इस खबर के बारे में विस्तार से बताते हैं
अद्यतन - अगस्त 15, 2025 1:07 पूर्वाह्न

पूर्व भारतीय क्रिकेटर ऑलराउंडर इरफान पठान ने दावा किया है कि अगर रोहित शर्मा टीम के कप्तान न होते, तो 2024 के दूसरे हिस्से में उनका टेस्ट टीम में बने रहना मुश्किल हो जाता। पठान ने बॉर्डर गावस्कर ट्रॉफी के दौरान रोहित के खराब प्रदर्शन को याद किया। उस सीरीज में रोहित तीन मैचों में मात्र 6.20 की औसत से रन बना पाए थे और फिर सिडनी में होने वाले अंतिम टेस्ट से बाहर हो गए थे।
इरफान ने बताया कि रोहित भारत के लिए वनडे और टी20 क्रिकेट में शानदार बल्लेबाजी करते हैं जिसका कोई जवाब नहीं, लेकिन जब बात टेस्ट क्रिकेट की आती है तब वहां उनका औसत बेहद खराब है। अगर हम पिछले साल की ही बात कर लें तो उनका औसत 6 था और ऐसे प्रदर्शन के बाद टीम में जगह बनाना मुश्किल होता। इसलिए हमने कहा था कि अगर वह कप्तान न होते तो वह टीम का हिस्सा भी न होते।
बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी के दौरान रोहित का बयान
जनवरी 5 को इरफान पठान और जतिन सप्रू को दिए इंटरव्यू में रोहित ने खुद इस फैसले पर बात की थी। उन्होंने कहा था, “सीधा-सीधा यह है कि मेरे बल्ले से रन नहीं आ रहे थे, मैं फॉर्म में नहीं था। टीम को उस समय फॉर्म में खिलाड़ी चाहिए थे। हमारी बल्लेबाजी में कई खिलाड़ी आउट ऑफ फॉर्म थे, और आप टीम में एक साथ इतने आउट ऑफ फॉर्म खिलाड़ी नहीं खिला सकते। यही सोचकर मैंने बाहर बैठने का फैसला लिया। यह मुश्किल था, लेकिन टीम के लिए यह जरूरी था।”
पठान का दुनिया को जवाब
पठान ने उन आरोपों का भी जवाब दिया कि वह रोहित का ज्यादा समर्थन कर रहे थे। उन्होंने कहा, लोग कहते हैं कि मैंने रोहित को ज्यादा सपोर्ट किया, तो कोई भी जब आपके शो पर मेहमान बनकर आता है तो आप उसके साथ दुर्व्यवहार नहीं करेंगे। हमने केवल अपने मेहमान का आदर किया।
फिर पठान ने अपने विचार पर जोर दिया, “हमने कहा था कि रोहित को लड़ना चाहिए, पर अगर कप्तान न होते तो टीम में न होते” और यह सच है।