शुभमन गिल को लेकर BCCI सतर्क, थकान से बचने के लिए वर्ल्ड कप 2027 पर ध्यान लगाने के लिए कहा
भविष्य के कप्तान को लेकर BCCI सतर्क, फिटनेस और फॉर्म को बनाए रखने के लिए लिया गया अहम फैसला
अद्यतन - जून 7, 2026 6:47 अपराह्न

भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान शुभमन गिल को आयरलैंड और इंग्लैंड के खिलाफ आगामी टी20 सीरीज के लिए टीम में जगह नहीं मिली है। IPL 2026 में शानदार प्रदर्शन के बाद भी उनका चयन न होना कई क्रिकेट प्रशंसकों के लिए हैरानी की बात रही। हालांकि, रिपोर्ट्स के मुताबिक यह फैसला उनकी फिटनेस और भविष्य की योजनाओं को ध्यान में रखते हुए लिया गया है।
शुभमन गिल ने IPL 2026 में गुजरात टाइटंस की कप्तानी करते हुए शानदार बल्लेबाजी की। उन्होंने पूरे सीजन में 732 रन बनाए और 163.02 के स्ट्राइक रेट से रन जुटाए।
इस दौरान उनके बल्ले से एक शतक और छह अर्धशतक निकले। गिल की लगातार शानदार पारियों ने गुजरात को कई मैचों में मजबूत स्थिति में पहुंचाया। इतने बेहतरीन प्रदर्शन के बाद माना जा रहा था कि उनकी भारतीय टी20 टीम में वापसी तय है, लेकिन चयनकर्ताओं ने अलग रास्ता चुना।
वर्कलोड मैनेजमेंट बना बड़ी वजह
रिपोर्ट्स के अनुसार, भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) शुभमन गिल के बढ़ते कार्यभार को लेकर चिंतित है। गिल इस समय भारत की टेस्ट और वनडे टीम के कप्तान हैं। इसके अलावा वह IPL में भी गुजरात टाइटंस की कप्तानी करते हैं।
चयनकर्ताओं का मानना है कि लगातार क्रिकेट खेलने से खिलाड़ियों पर शारीरिक और मानसिक दबाव बढ़ सकता है। ऐसे में गिल को कुछ टी20 मुकाबलों से आराम देकर, उनकी फिटनेस को बेहतर बनाए रखने की योजना बनाई गई है।
2027 वनडे विश्व कप पर नजर
BCCI की प्राथमिकता फिलहाल 2027 वनडे विश्व कप है। भारत को इस बड़े टूर्नामेंट से पहले लगभग 35 वनडे मैच खेलने हैं। टीम प्रबंधन चाहता है कि गिल इन मुकाबलों और विश्व कप के लिए पूरी तरह फिट रहें।
सूत्रों के अनुसार, चयनकर्ताओं का मानना है कि आने वाले दो वर्षों में गिल भारतीय टीम के सबसे महत्वपूर्ण खिलाड़ियों में से एक होंगे। इसलिए उनके कार्यभार को संतुलित रखना जरूरी है।
हाल ही में अफगानिस्तान के खिलाफ एकमात्र टेस्ट मैच में शुभमन गिल ने 177 गेंदों पर 126 रन की शानदार पारी खेली। यह उनके टेस्ट करियर का 11वां शतक और कप्तान के रूप में छठा शतक था।
खैर, इस सब से स्पष्ट है कि गिल को टी20 टीम से बाहर रखना उनके प्रदर्शन की वजह से नहीं, बल्कि भविष्य की बड़ी योजनाओं का हिस्सा है। BCCI चाहता है कि युवा कप्तान पूरी तरह फिट रहें और 2027 वनडे विश्व कप में भारत को सफलता दिलाने में अहम भूमिका निभाएं।