क्या मिचेल स्टार्क और स्टीव स्मिथ श्रीलंका के खिलाफ पहले टेस्ट में हिस्सा ले पाएंगे? - क्रिकट्रैकर हिंदी

क्या मिचेल स्टार्क और स्टीव स्मिथ श्रीलंका के खिलाफ पहले टेस्ट में हिस्सा ले पाएंगे?

स्टीव स्मिथ कमर की चोट के चलते हालिया वनडे सीरीज से बाहर हो गए थे।

Steve Smith (Photo source: Twitter)
Steve Smith (Photo source: Twitter)

ऑस्ट्रेलिया के स्टार बल्लेबाज स्टीव स्मिथ कमर की चोट के चलते श्रीलंका के खिलाफ खेली गई हालिया वनडे सीरीज से बाहर हो गए थे। उन्होंने पहले दो वनडे मैच खेले, लेकिन अंतिम तीन मैचों में हिस्सा नहीं ले सके, और ऑस्ट्रेलिया क्रिकेट टीम को यह सीरीज 2-3 से मेजबान टीम को गंवानी पड़ी।

हालांकि, राहत की बात ये है कि स्टीव स्मिथ कमर की चोट से उबर गए हैं, और 29 जून से श्रीलंका क्रिकेट टीम के खिलाफ गाले में खेले जाने वाले पहले टेस्ट मैच के लिए चयन के लिए उपलब्ध होंगे। बता दें, श्रीलंका दौर पर ऑस्ट्रेलिया टीम ने 2-1 से T20I सीरीज जीती, वहीं मेजबान टीम ने 3-2 से वनडे सीरीज पर कब्जा किया।

स्टीव स्मिथ का पहला टेस्ट में खेलना तय, वहीं मिचेल स्टार्क की उपलब्धता अनिश्चित

वहीं दूसरी ओर, ऑस्ट्रेलिया के स्टार तेज गेंदबाज मिचेल स्टार्क की पहले टेस्ट मैच के लिए उपलब्धता उनकी चोट पर निर्भर करती है। अनुभवी गेंदबाज को सबसे पहले नेट सत्र में  देखना होगा कि गेंदबाजी से उनके हाथ को नुकसान तो नहीं पहुंच रहा, उसके बाद ही वह पहले टेस्ट मैच में हिस्सा ले सकते हैं।

आपको बता दें, मिचेल स्टार्क ने पहले T20I मैच के दौरान अपनी बायीं तर्जनी को घायल कर लिया था, जिसमें छह टांके लगाने पड़े थे। इस बीच, अनुभवी तेज गेंदबाज ने साफ तौर पर कहा है कि अगर प्रशिक्षण सत्र के दौरान गेंदबाजी करते हुए उनकी उंगली की चोट फिर से ताजा हो गई, तो वह फिर पहले टेस्ट में हिस्सा नहीं ले पाएंगे।

स्टीव स्मिथ ने एएपी के हवाले से कहा: “अगर हम अभी भी एक वनडे क्रिकेट खेल रहे होते तो बहुत ज्यादा संभावना होती कि मैं जल्द दोबारा चोटिल हो जाता, लेकिन टेस्ट क्रिकेट में चीजें अलग होती है। मुझे लगता है कि टेस्ट क्रिकेट खेलते हुए मैं ठीक हो जाऊंगा। हमारी टीम को देखते हुए मुझे लगता है कि मेरे लिए टेस्ट सीरीज में चीजें आसान होगी। मैं स्लिप में फील्डिंग करता हूं, इसलिए मुझे टेस्ट सीरीज में मैदान में ज्यादा इधर-उधर भगा-दौड़ी नहीं करनी पड़ेगी, और फिर श्रीलंकाई परिस्थितियों दौड़ना उतना भी मुश्किल नहीं है। यहां मैदान पर आमतौर पर कुछ सफाईकर्मी होते हैं, और फिर टेस्ट क्रिकेट में अक्सर चौंके-छक्के नहीं पड़ते है, इसलिए मुझे कड़ी मेहनत नहीं करनी पड़ेगी।”