टी-20 वर्ल्ड कप में भारतीय टीम सिर्फ अपनी 15 प्रतिशत क्षमता के साथ खेलती हुई दिखी- सौरव गांगुली - क्रिकट्रैकर हिंदी

टी-20 वर्ल्ड कप में भारतीय टीम सिर्फ अपनी 15 प्रतिशत क्षमता के साथ खेलती हुई दिखी- सौरव गांगुली

सौरव गांगुली के मुताबिक इस वर्ल्ड कप में भारतीय का प्रदर्शन काफी खराब रहा।

Sourav Ganguly. (Photo by SAM PANTHAKY/AFP via Getty Images)
Sourav Ganguly. (Photo by SAM PANTHAKY/AFP via Getty Images)

भारतीय टीम के पूर्व कप्तान और बीसीसीआई के अध्यक्ष सौरव गांगुली ने हाल ही में समाप्त हुए टी-20 वर्ल्ड कप में भारतीय टीम के प्रदर्शन पर अपनी पहली प्रतिक्रिया दी है। गांगुली ने कहा कि उन्होंने बीते 4 से 5 साल में टीम इंडिया का इससे खराब प्रदर्शन नहीं देखा। टूर्नामेंट में पसंदीदा के रूप में प्रवेश करने वाले टीम इंडिया के लिए निराशाजनक अभियान रहा और टीम लीग स्टेज से ही बाहर हो गई।

गांगुली ने टीम के प्रदर्शन को खराब बताने में बिल्कुल भी संकोच नहीं किया। पूर्व भारतीय कप्तान की टिप्पणी तब आई जब उनसे पूछा गया कि भारत द्विपक्षीय सीरीज में शानदार प्रदर्शन करने के बावजूद वर्ल्ड कप जैसे बड़े टूर्नामेंट में क्यों नहीं सफल नहीं हो पाती है।

टीम इंडिया के वर्ल्ड कप अभियान को लेकर सौरव गांगुली ने क्या कहा ?

पत्रकार बोरिया मजूमदार के शो ‘Backstage with Boria’ में बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि, “ईमानदारी से कहूं तो मुझे लगता है कि 2017 और 2019 के मुकाबले भारत अच्छी टीम थी। 2017 चैंपियंस ट्रॉफी हम ओवल में पाकिस्तान से फाइनल हार गए थे, तब मैं एक कमेंटेटर था। फिर इंग्लैंड में 2019 वर्ल्ड कप, हम पूरे समय असाधारण थे, सभी को हराया और सेमीफाइनल में न्यूजीलैंड से हार गए वह एक बुरा दिन था।”

पूर्व भारतीय कप्तान ने कहा कि जिस तरह से हमने यह विश्व कप खेला उससे मैं थोड़ा निराश हूं। मुझे लगता है कि पिछले चार-पांच वर्षों में मैंने जो देखा है,उसमे यह सबसे खराब खेल था। हालांकि गांगुली ने यह नहीं बताया कि भारत ने कहां गलती की, उन्होंने माना कि कभी-कभी टीमें मेगा इवेंट्स में अच्छा करने में सक्षम नहीं होती हैं। उन्होंने यह भी कहा कि भारतीय टीम सिर्फ 15% क्षमता के साथ खेल रही थी।”

गांगुली ने आगे कहा कि, “मुझे नहीं पता कि क्या कारण है लेकिन मुझे लगा कि वो इस वर्ल्ड कप में पर्याप्त स्वतंत्रता के साथ नहीं खेले। कभी-कभी बड़े टूर्नामेंटों में ऐसा होता है, आप बस फंस जाते हैं और जब मैंने उन्हें पाकिस्तान और न्यूजीलैंड के खिलाफ खेलते हुए देखा मुझे लगा कि यह वह टीम है जो अपनी 15% क्षमता के साथ खेल रही है।”