सौरव गांगुली कमाल के कप्तान थे और उन्होंने तमाम युवा खिलाड़ियों को मौका दिया था: सचिन तेंदुलकर - क्रिकट्रैकर हिंदी

सौरव गांगुली कमाल के कप्तान थे और उन्होंने तमाम युवा खिलाड़ियों को मौका दिया था: सचिन तेंदुलकर

साल 2000 में सचिन तेंदुलकर ने कप्तानी पद से इस्तीफा दे दिया था जिसके बाद सौरव गांगुली को भारतीय टीम का कप्तान नियुक्त किया गया था।

Sachin Tendulkar and Sourav Ganguly
Sachin Tendulkar and Sourav Ganguly. (Photo Source: Getty Images)

भारत के दिग्गज क्रिकेटर और गॉड ऑफ क्रिकेट के नाम से मशहूर सचिन तेंदुलकर ने अपने साथी खिलाड़ी सौरव गांगुली की जमकर तारीफ की है और कहा है कि उन्होंने हमेशा सभी खिलाड़ियों को प्रोत्साहित किया है। तेंदुलकर ने कहा कि गांगुली जानते थे कि किस खिलाड़ी को कब स्वतंत्रता देनी है और किस खिलाड़ी को जिम्मेदारी।

उन्हें पता था कि कौनसा खिलाड़ी दबाव में बेहतरीन प्रदर्शन कर टीम को मुश्किल परिस्थिति से बाहर निकाल सकता है। बता दें, भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) के मौजूदा अध्यक्ष सौरव गांगुली ने 2000 से 2005 तक भारतीय टीम के लिए कप्तानी की थी।

तेंदुलकर ने गांगुली को बेहतरीन कप्तान कहा और साथ ही यह भी कहा कि उनकी वजह से कई खिलाड़ियों को वो मुकाम मिल पाया जिसकी उनको बेहद जरूरत थी। अगर गांगुली कप्तान ना होते तो शायद भारत को आज अपने सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी ना मिलते। बता दें, 2000 में सचिन तेंदुलकर ने कप्तानी पद से इस्तीफा दे दिया था जिसके बाद सौरव गांगुली को भारतीय टीम का कप्तान नियुक्त किया गया था। इंडिया टुडे के मुताबिक सचिन तेंदुलकर ने कहा कि, सौरव गांगुली जैसा कप्तान भारत को फिर से मिलना काफी मुश्किल है।

नए खिलाड़ियों को अपने प्रदर्शन दिखाने का मौका मिला: सचिन तेंदुलकर

सचिन तेंदुलकर ने कहा कि, ‘जब सौरव गांगुली ने कप्तानी पद संभाला था तब भारतीय टीम एक उभरती हुई टीम थी। टीम में खिलाड़ियों की कमी नहीं थी लेकिन उनको कुछ खिलाड़ियों को मौका भी देना था। जिससे भारतीय टीम के भविष्य को और बेहतर किया जा सके। सौरव गांगुली ने उस समय कई टॉप-क्लास के खिलाड़ियों को परखा और उन्हें मौका दिया। वीरेंद्र सहवाग, युवराज सिंह, जहीर खान, हरभजन सिंह, आशीष नेहरा उनमें से कुछ नाम हैं।

इन्हीं खिलाड़ियों ने सौरव गांगुली की कप्तानी में 2003 वर्ल्ड कप भी खेला था और उन्होंने फाइनल में अपनी जगह बनाई थी। हालांकि फाइनल मुकाबले में भारत ऑस्ट्रेलिया से हार गई थी। सचिन तेंदुलकर ने आगे कहा कि, ‘ये सब कमाल के खिलाड़ी हैं। सौरव गांगुली ने इन खिलाड़ियों को पूरी तरह से परख लिया था और उन्होंने इनको वो मुकाम दिया जिसकी इनको बेहद जरूरत थी।

गांगुली ने भारत के लिए अपना डेब्यू 1992 में किया था। उन्होंने 113 टेस्ट मुकाबले और 311 वनडे मुकाबले खेले है। दोनों फॉर्मेटों को मिलाकर गांगुली ने 41.59 के औसत से 18,575 रन बनाए हैं और 132 विकेट्स हासिल किए हैं। उन्होंने अपना आखिरी मुकाबला भारत के लिए 2008 में खेला था। 8 जुलाई को वो अपना 50वां जन्मदिन मनाएंगे।

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