सचिन तेंदुलकर समेत अन्य दिग्गजों को एमसीए (MCA) में मतदान से किया जा सकता है वंचित - क्रिकट्रैकर हिंदी

सचिन तेंदुलकर समेत अन्य दिग्गजों को एमसीए (MCA) में मतदान से किया जा सकता है वंचित

एमसीए (MCA) ने कहा उम्र के आधार पर किसी की भी योग्यता तय करना अनुचित है।

Sachin Tendulkar. (Photo Source: IPL/BCCI)
Sachin Tendulkar. (Photo Source: IPL/BCCI)

मुंबई क्रिकेट के महान क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर, सुनील गावस्कर और दिलीप वेंगसरकर कथित तौर पर मुंबई क्रिकेट संघ (एमसीए) में मतदान करने का अधिकार खो सकते हैं। एमसीए (MCA) के सदस्यों ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटरों के मतदान के अधिकार को समाप्त करने और मुंबई क्रिकेट के संविधान में बदलाव करने के लिए 29 जुलाई को एक विशेष आम सभा की बैठक बुलाई है।

एमसीए (MCA) के प्रस्ताव के अनुसार संरक्षक सदस्यों या दाता सदस्यों सहित किसी भी व्यक्तिगत सदस्य को मतदान का कोई अधिकार नहीं है। लेकिन लोढ़ा समिति द्वारा दिए गए निर्देशों के अनुसार, केवल अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटरों को ही राज्य संघ की सदस्यता दी जा सकती है, जिसे एमसीए (MCA) ने इनकार कर दिया है।

लोढ़ा समिति के सुझावों पर दिए गए सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुसार, बीसीसीआई (BCCI) को अपने संविधान में बदलाव करना पड़ा और सभी पूर्व अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों को उनके संबंधित राज्य क्रिकेट संघों में मतदान का अधिकार देना पड़ा था। लेकिन एमसीए (MCA) का मानना है कि लोढ़ा समिति ने ऐसे कोई निर्देश नहीं दिए हैं।

एमसीए (MCA) ने लोढ़ा समिति के निर्देशों को मानने से इनकार किया

वहीं एमसीए (MCA) के प्रस्ताव में कहा गया है कि किसी भी व्यक्तिगत सदस्य जैसे संरक्षक सदस्य, दाता सदस्य, आदि के पास किसी भी पद के चुनाव के लिए मतदान का कोई अधिकार नहीं है। इसके अलावा, लोढ़ा समिति ने केवल यह सिफारिश की थी कि अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों को एसोसिएशन की सदस्यता दी जानी चाहिए। अगर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटरों को वोट देने का अधिकार दिया जाता है, तो यह राज्य एसोसिएशन की नींव को बदलने के बराबर होगा। हालांकि, अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी एसोसिएट सदस्य हो सकते हैं, और उन्हें बैठक में भाग लेने और अपना योगदान या सुझाव देने आमंत्रित किया जा सकता है।

सर्वोच्च न्यायालय ने 70 वर्ष की आयु के बाद के किसी भी व्यक्ति को राज्य संघ में पदभार संभालने पर रोक लगा दी थी। जिस पर एमसीए (MCA) ने अपने प्रस्ताव में आगे कहा कि उम्र के आधार पर किसी की भी योग्यता तय करना अनुचित है। हमारे पास ऐसे प्रशासकों के कई उदाहरण हैं, जिन्होंने 70 वर्ष की आयु के बाद भी क्रिकेट के खेल में अपना योगदान दिया है। MCA अपनी सफलता का श्रेय अपने प्रशासकों के महान नेतृत्व को देती है, जिन्होंने 70 वर्ष की आयु के बाद भी एसोसिएशन में योगदान दिया। एमसीए का मानना है कि खेल को उन प्रशासकों की विशेषज्ञता से वंचित नहीं किया जाना चाहिए।

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