सचिन तेंदुलकर ने टी-20 वर्ल्ड कप 2022 के लिए अपने सेमीफाइनलिस्ट का किया खुलासा - क्रिकट्रैकर हिंदी

सचिन तेंदुलकर ने टी-20 वर्ल्ड कप 2022 के लिए अपने सेमीफाइनलिस्ट का किया खुलासा

सचिन तेंदुलकर ने बताया किन दो टीमों को हल्के में नहीं लिया जाना चाहिए।

T20 World Cup Trophy and Sachin Tendulkar (Image Source: Getty Images)
T20 World Cup Trophy and Sachin Tendulkar (Image Source: Getty Images)

ऑस्ट्रेलिया में आईसीसी टी-20 वर्ल्ड कप 2022 जोरों-शोरों से चल रहा है और क्वालीफायर राउंड में अब तक फैंस को रोमांचक मुकाबले देखने को मिले हैं, जहां नई टीमों ने टूर्नामेंट में अपने शानदार प्रदर्शन से सभी को प्रभावित किया है। एक तरफ जहां नामीबिया ने टी-20 वर्ल्ड कप 2022 के पहले क्वालीफाइंग मैच में श्रीलंका को मात देकर सुर्खियां बटोरी, वहीं नीदरलैंड, स्कॉटलैंड और जिम्बाब्वे ने अपने ग्रुप मुकाबलों में क्रमशः यूएई, वेस्टइंडीज और आयरलैंड को पटखनी दी।

आपको बता दें, नीदरलैंड टीम 18 अक्टूबर को अपने दूसरे ग्रुप मैच में नामीबिया को हराकर सुपर 12 में अपनी जगह बनाने के करीब पहुंच गई है। वहीं टी-20 वर्ल्ड कप 2022 के सुपर 12 मैच 22 अक्टूबर को एससीजी में ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड के बीच भिड़ंत के साथ शुरू होंगे।

सचिन तेंदुलकर ने चुनी अपनी शीर्ष चार टीमें

इस बीच, भारत के महान बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर ने ऑस्ट्रेलिया में खेले जा रहे टी-20 वर्ल्ड कप 2022 के लिए चार सेमीफाइनलिस्ट के लिए अपनी पसंदीदा टीमों का खुलासा किया है। उन्होंने टी-20 वर्ल्ड कप 2022 के लिए भारत, पाकिस्तान, इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया को अपने चार सेमीफाइनलिस्ट के रूप में चुना है।

पूर्व भारतीय कप्तान ने आगे कहा वह टीम इंडिया को टी-20 वर्ल्ड कप की ट्रॉफी जीतते हुए देखना चाहते हैं, लेकिन साथ ही उन्होंने कहा कि ऑस्ट्रेलियाई परिस्थितियां कुछ विशिष्ट टीमों के लिए फायदेमंद साबित हो सकती है। मास्टर ब्लास्टर ने आगे कहा कि न्यूजीलैंड और दक्षिण अफ्रीका की घरेलू परिस्थितियां ऑस्ट्रेलियाई परिस्थितियों के सामान है, इसलिए उन्हें हल्के में नहीं लिया जा सकता है।

सचिन तेंदुलकर ने टेलीग्राफ इंडिया के हवाले से कहा: “जाहिर सी बात है, मैं चाहता हूं कि भारत चैंपियन बने, लेकिन मेरी चार शीर्ष टीमें भारत, पाकिस्तान, ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड होगी। दक्षिण अफ्रीका और न्यूजीलैंड दोनों एक ही नाव में सवार है, उन्हें हल्के में लेना भूल होगी। सितंबर-अक्टूबर में उनकी घरेलू परिस्थितियां ऑस्ट्रेलिया जैसे ही होती है। वे ऐसी स्थितियों में खेलने के आदी हैं।”

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