गौतम गंभीर ने बताया आखिर क्यों 2011 के बाद से वर्ल्ड कप नहीं जीत पाया भारत
गौतम गंभीर ने कहा अगर भारत वर्ल्ड कप जीतता है तो सारा श्रेय रोहित शर्मा लेकर जाएंगे।
अद्यतन - Oct 21, 2022 6:33 pm

भारत ने आखिरी बार वर्ल्ड कप एमएस धोनी के नेतृत्व में साल 2011 में जीता था, तब से टीम को यह खिताब जीतने का मौका नसीब नहीं हुआ है, और अब भारत के पूर्व क्रिकेटर गौतम गंभीर ने इसके पीछे के असली कारण का खुलासा किया है। उन्होंने भारतीय क्रिकेट में खिलाड़ियों को हीरो बनाने की प्रवृत्ति की आलोचना करते हुए इसे आईसीसी टूर्नामेंटों में टीम इंडिया की विफलताओं का सबसे बड़ा कारण बताया है।
गौतम गंभीर ने आगे कहा कि मीडिया ने खिलाड़ियों को इतनी ज्यादा तवज्जो दे रखी है कि उनको हीरो बनाकर उनका नाम जपना न केवल भारत में, बल्कि अन्य देशों में भी एक आम बात हो गई है। उन्होंने यह भी कहा कि एक या दो खिलाड़ियों के बारे में बात करने से कहीं ज्यादा भारतीय क्रिकेट टीम महत्वपूर्ण है।
गौतम गंभीर ने भारतीय क्रिकेट में खिलाड़ियों को हीरो बनाने की प्रवृत्ति की निंदा की
जी न्यूज के एक शो पर बात करते हुए गौतम गंभीर ने कहा: “हमें क्रिकेट के बारे में बात करने की जरूरत है। भारतीय क्रिकेट टीम की बात करना अधिक महत्वूर्ण है, ना कि खिलाड़ियों को हीरो बनाकर उनके चर्चे। सूर्यकुमार यादव ने पिछले साल अन्य शीर्ष छह भारतीय बल्लेबाजों की तुलना में बेहतर प्रदर्शन किया है। लेकिन हम सूर्यकुमार यादव के बारे में शायद इसलिए ज्यादा बात नहीं करते, क्योंकि उनके सोशल मीडिया फॉलोअर्स सबसे कम है।”
दो बार के वर्ल्ड कप विजेता क्रिकेटर ने आगे कहा, “दुर्भाग्य से, भारत में क्या होता है कि अगर हम वर्ल्ड कप जीतते हैं, और मुझे उम्मीद है कि हम ऐसा करेंगे, तो इसका पूरा श्रेय रोहित शर्मा को जाएगा, और पूरी दुनिया उन्हें हीरो बना देगी, और बाकी के खिलाड़ियों और उनके योगदान को अनदेखा कर दिया जाएगा। रोहित शर्मा वर्ल्ड कप नहीं जीतेंगे, बल्कि भारत विश्व कप जीतेगा। मैं बस यहीं बात समझाना चाहता हूं।
जब हमने साल 2007 और 2011 में वर्ल्ड कप जीता था, तो हमने और सारी दुनिया ने कहा एमएस धोनी ने कप जीता। जब हम 83 में वर्ल्ड कप जीते थे, तो हम सभी ने कहा यह कपिल देव ने जीता था। अरे नहीं, धोनी या कपिल ने वर्ल्ड नहीं जीता था, यह भारत की जीत थी, यह पूरी टीम की जीत थी, अन्य खिलाड़ियों ने भी कैच लिया, गेंदबाजी की और रन बनाए थे। लेकिन लोग ये भूल गए।”