“गेंदबाजी कोच भी उसे कुछ नहीं बोलते…”- जसप्रीत बुमराह को लेकर अक्षर पटेल ने किया बड़ा खुलासा
गेंदबाजी कोच भी ज्यादा इनपुट नहीं देते हैं ताकि उनके (जसप्रीत बुमराह) दिमाग में कोई कन्फ्यूजन ना हो- अक्षर पटेल
अद्यतन - जून 21, 2024 3:00 अपराह्न

T20 World Cup 2024: टीम इंडिया ने सुपर-8 राउंड के पहले मैच में अफगानिस्तान को 47 रनों से शिकस्त दी। इस जीत में तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह ने बड़ी भूमिका निभाई, जिन्होंने 4 ओवर के स्पैल में मात्र 7 रन देकर 3 बड़े विकेट चटकाए। यह बुमराह के टी20 करियर का सर्वश्रेष्ठ स्पैल है। बुमराह ने रहमानुल्लाह गुरबाज (11), हजरतुल्लाह जजई (2) और नजीबबुल्लाह जादरान (19) का विकेट लिया था।
टूर्नामेंट में बुमराह टीम के लिए लगातार मैच विनिंग प्रदर्शन करते हुए नजर आ रहे हैं। इस बीच अक्षर पटेल ने बुमराह को लेकर एक बड़ा खुलासा किया है। अक्षर पटेल ने बताया कि गेंदबाजी कोच पारस म्हाम्ब्रे ने बुमराह को पूरी छूट देकर रखी है। बॉलिंग को लेकर कोच बुमराह से ज्यादा बातें भी नहीं करते हैं, क्योंकि वो नहीं चाहते कि उनके दिमाग में कोई भी कन्फ्यूजन हो।
जसप्रीत बुमराह को पता है कि क्या करना है- अक्षर पटेल
अफगानिस्तान के खिलाफ जीत के बाद अक्षर पटेल ने प्रेस कॉनफ्रेंस पर बात करते हुए कहा,
मुझे नहीं लगता कि कोई भी बुमराह की गेंदबाजी के बारे में ज्यादा बातें करता है। उन्हें पता है कि क्या करना है और क्या नहीं करना है। गेंदबाजी कोच भी ज्यादा इनपुट नहीं देते हैं ताकि उनके दिमाग में कोई कन्फ्यूजन हो। वह तो यही कहते हैं कि तुम अच्छा कर रहे हो, जो सोच कर कर रहे हो वह अच्छा हो रहा है। जितना मैंने देखा है, गेंदबाजी कोच ज्यादा बोलते नहीं है। वह प्लान बनाने के दौरान यही कहते हैं कि आपकी मानसिकता जो भी हो, वह स्पष्ट है, इसलिए बस अपने प्लान को एक्जीक्यूट करो।
दूसरे गेंदबाज क्या कर रहे इस पर ध्यान नहीं देना चाहिए- अक्षर पटेल
अक्षर पटेल ने यह भी कहा कि जसप्रीत बुमराह वर्ल्ड-क्लास गेंदबाज है। भारत की गेंदबाजी अटैक इतनी मजबूत कि हैं, टीम कभी भी मुश्किल परिस्थितियों से निकल सकती है। लेकिन साथ ही अक्षर ने इस बात पर भी जोर दिया कि दूसरा गेंदबाज क्या कर रहा है इस पर ध्यान नहीं देना चाहिए, क्योंकि इससे खुद के ऊपर ही दबाव बनता है। स्पिनर गेंदबाज ने आगे कहा,
दूसरे गेंदबाज ने क्या किया, इसके बारे में ज्यादा नहीं सोचना चाहिए। जैसा कि आपने कहा कि पाटर्नरशिप में हमें इसी तरह गेंदबाजी करनी चाहिए। मैं बस यही सोच रहा था कि इस विकेट पर मेरे लिए क्या काम करेगा। जैसे, 1-2 गेंदों के बाद मुझे एहसास हुआ कि अगर मैं गति और लंबाई बदल दूं तो इस विकेट पर बेहतर होगा। मैं यह नहीं सोच रहा था कि उसने दूसरे छोर से इतनी अच्छी गेंदबाजी की है, मुझे यह करना होगा, वह करना होगा। अगर मैं ऐसा सोचता हूं, तो मैं खुद पर अधिक दबाव डाल रहा हूं। मैं सोच रहा था कि मैं इस स्थिति में अपना सर्वश्रेष्ठ कैसे दे सकता हूं।