न्यूजीलैंड क्रिकेट बोर्ड के CEO का बड़ा बयान, कहा 'हमारे पास दौरा छोड़ने के अलावा कोई और विकल्प नहीं था' - क्रिकट्रैकर हिंदी

न्यूजीलैंड क्रिकेट बोर्ड के CEO का बड़ा बयान, कहा ‘हमारे पास दौरा छोड़ने के अलावा कोई और विकल्प नहीं था’

रावलपिंडी में टीम के लिए उचित सुरक्षा व्यवस्था नहीं था : डेविड व्हाइट

David White
New Zealand Cricket CEO David White. (Photo by Phil Walter/Getty Images)

पाकिस्तान दौरे को सुरक्षा कारणों की वजह से रद्द करने वाली न्यूजीलैंड की टीम अपने देश के लिए रवाना हो चुकी है। आखिरी समय में मेहमान टीम का दौरा रद्द करने का फैसला पाकिस्तान क्रिकेट टीम के लिए बिल्कुल अच्छा नहीं  मिली। 34 सदस्यों की कीवी टीम फिलहाल दुबई पहुंच चुकी है और इस वक्त अपने होटल में 24 घंटों के लिए क्वारंटाइन में है।

कोविड-19 प्रोटोकॉल और बाकी दिशा-निर्देशों के बाद टीम के 21 खिलाड़ी अगले हफ्ते अपने देश वापस लौट जाएंगे, जबकि बाकी सदस्य यूएई में मौजूद रहेंगे और अक्टूबर में होने वाले टी-20 वर्ल्ड कप के लिए अपनी टीम के साथ जुड़ेंगे।

न्यूजीलैंड क्रिकेट बोर्ड के सीईओ ने सीरीज रद्द होने पर दिया बयान

न्यूजीलैंड टीम के दुबई पहुंचते ही उनकी क्रिकेट बोर्ड के CEO डेविड व्हाइट से जब दौरे रद्द करने को लेकर सवाल पूछा गया तो उन्होंने कहा कि, “विशिष्ट और विश्वसनीय धमकी मिलने के बाद ब्लैककैप दल पाकिस्तान में नहीं रह सकता था। न्यूजीलैंड सरकार के सुरक्षा अलर्ट का हवाला देते हुए शुक्रवार को रावलपिंडी में शुरुआती मैच के दिन न्यूजीलैंड ने सीमित ओवरों के दौरे से नाम वापस ले लिया था।”

उन्होंने आगे कहा कि “निर्णय लेने से पहले हमने न्यूजीलैंड सरकार के अधिकारियों के साथ कई बातचीत की थी और पीसीबी को हमारी स्थिति के बारे में सूचित करने के बाद हम समझते हैं कि संबंधित प्रधानमंत्रियों के बीच एक टेलीफोन चर्चा हुई थी। दुर्भाग्य से, हमें जो सलाह मिली, उसे देखते हुए हमारे पास देश में रहने का कोई रास्ता नहीं था।”

दौरा रद्द होने की वजह से पाकिस्तानी खेमे में काफी आक्रोश देखने को मिला

दौरा रद्द होने के बाद से पाकिस्तान क्रिकेट और उनके फैन्स बेहद नाराज दिखे। पाकिस्तान के लगभग सभी खिलाड़ियों ने न्यूजीलैंड के इस फैसले पर अपनी प्रतिक्रिया दी। कप्तान बाबर आजम ने लिखा कि “सीरीज के अचानक स्थगित होने से बेहद निराशा हुई, यह लाखों पाकिस्तान क्रिकेट प्रशंसकों के लिए मुस्कान वापस ला सकती थी। मुझे अपनी सुरक्षा एजेंसियों की क्षमताओं और विश्वसनीयता पर पूरा भरोसा है। वे हमारे गौरव हैं और हमेशा रहेंगे! पाकिस्तान जिंदाबाद!”