T20I क्रिकेट में टीम इंडिया की नई आक्रामक अप्रोच पर रवि शास्त्री ने दी अपनी राय
रवि शास्त्री को पूरा विश्वास है कि विराट कोहली और केएल राहुल दोनों जल्द से जल्द भारत की नई आक्रामक अप्रोच के अनुरूप ढल जाएंगे।
अद्यतन - अगस्त 24, 2022 10:20 पूर्वाह्न

टीम इंडिया के पूर्व मुख्य कोच रवि शास्त्री का मानना है कि मेन इन ब्लू को आगामी आईसीसी टी-20 वर्ल्ड कप 2022 को ध्यान में रखते हुए टी-20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में आक्रामक बल्लेबाजी करना जारी रखनी चाहिए। रवि शास्त्री ने यह भी बताया कि उन्होंने T20I क्रिकेट में आक्रामक बल्लेबाजी को लेकर बात छेड़ी थी, लेकिन परिणाम को लेकर भारत थोड़ा डरा हुआ था।
पूर्व भारतीय कोच ने टीम इंडिया की नई निडर अप्रोच का समर्थन किया, जिसे टीम ने कप्तान रोहित शर्मा के नेतृत्व में अपनाया है। चूंकि नई शैली अब तक उपयोगी रही है, इसलिए शास्त्री का मानना है कि भारतीय बल्लेबाजों को अब पुराने रास्ते पर नहीं चलना चाहिए, चाहे फिर कुछ परिणाम निराशाजनक ही क्यों न रहे।
रवि शास्त्री ने टीम इंडिया की नई निडर अप्रोच का समर्थन किया
रवि शास्त्री ने स्टार स्पोर्ट्स पर कहा: “मुझे लगता है कि भारतीय टीम को अब अपनी यह नई अप्रोच नहीं बदलना चाहिए। यहां तक कि जब मैं कोच था, तब भी हमने आक्रामक बल्लेबाजी को लेकर चर्चा की थी, क्योंकि निचले के क्रम में खिलाड़ियों को देखते हुए हमारा शीर्ष क्रम पर थोड़ा डर कर बल्लेबाजी कर रहा था। मेरे हिसाब से यह बिल्कुल सही अप्रोच है। आप बीच में कुछ मैच हारेंगे, लेकिन जब आप इस अप्रोच से मैच जीतना शुरू कर देंगे, तो आप बड़े मैचों में उस आत्मविश्वास को ले जा सकते हैं, और उसी रणनीति को अपना सकते हैं।”
इस बीच, 27 अगस्त से संयुक्त अरब अमीरात (UAE) में शुरू हो रहे एशिया कप 2022 में सभी की नजरे विराट कोहली और केएल राहुल पर होगी, और शास्त्री को पूरा विश्वास है कि दोनों बल्लेबाज जल्द से जल्द भारत की नई आक्रामक अप्रोच के अनुरूप ढल जाएंगे। भारत का पहला मुकाबला पाकिस्तान के साथ 28 अगस्त को दुबई में है।
रवि शास्त्री ने अंत में कहा: “क्यों नहीं? विराट और राहुल दोनों काफी अनुभवी खिलाड़ी हैं। उन्होंने काफी आईपीएल और T20I मैच खेले हैं, मुझे नहीं लगता उनके लिए टीम की नई अप्रोच के साथ तालमेल बिठाना मुश्किल नहीं होना चाहिए। भारत के मध्य और निचले क्रम में ऋषभ पंत, हार्दिक पांड्या और रवींद्र जडेजा जैसे बेहतरीन खिलाड़ी है, इसलिए अगर शीर्ष क्रम फेल भी हो जाता है, तो भी वे टीम की पारी को पटरी पर वापस लाने में सक्षम है।”