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क्रिकेटर बनने के लिए सुरेश रैना ने दी थी यह बड़ी कुर्बानी, जानिए रैना का सफर

सुरेश रैना के सफल क्रिकेटर बनने की कहानी

Suresh Raina received the man of the match award. (Photo Source: Twitter)
Suresh Raina received the man of the match award. (Photo Source: Twitter)

क्रिकेट जगत में अनेकों रिकार्ड बनाने वाले सुरेश रैना ने क्रिकेटर बनने के लिए बचपन में ही अपना घर-बार छोड़ दिया था। 27 नवम्बर 1986 को गाजियाबाद के मुरादनगर में जन्मे सुरेश रैना के पिता त्रिलोकचंद रैना मुरादनगर की आयुध निर्माणी यानी आर्डिनेंस फैक्ट्री में काम करते थे। सुरेश रैना अपने पांच भाई-बहन में सबसे छोटे हैं। उनके तीन बड़े भाई दिनेश, नरेश और मुकेश हैं और एक बड़ी बहन रेनु है। सुरेश रैना कश्मीरी पंडित परिवार से हैं।

ऐसे हुए हताश कि कर लिया आत्महत्या का इरादा : मिलिट्री बैकग्राउंड में जन्म होने के कारण सुरेश रैना शुरू से ही बहुत ही अनुशासन में रहने वाले व्यक्ति हैं। सन् 2000 में उन्होंने क्रिकेट को कैरियर बनाने का फैसला किया और इसके लिए उन्होंने अपना घर-परिवार को छोड़कर लखनऊ के गवर्नमेंट स्पोर्ट्स कॉलेज में दाखिला ले लिया। इस कॉलेज में सीनियर्स की प्रताड़ना का शिकार हुए। एक बार तो वह सीनियर्स की प्रताड़ना से इतने परेशान हो गए कि आत्महत्या करने का विचार कर लिया। यह जानकारी योरस्टोरी डॉटकॉम ने अपने 23 मई 2016 के अपने एक आलेख में इंडियंन एक्सप्रेस के हवाले से दी है।

सुरेश रैना को बनाया गया अंडर 16 की क्रिकेट टीम का कप्तान : लखनऊ के स्कूल की ट्रेनिंग के बाद सुरेश रैना को अंडर 16 की क्रिकेट टीम का कप्तान बनाया गया और इसमें उनके प्रदर्शन ने भारतीय चयनकर्ताओं का ध्यान खींचा। उनका चयन अंडर 19 की टीम में हुआ। 15 वर्ष की उम्र में वह अंडर 19 की टीम की ओर से इंग्लैंड का दौरा किया। वहां भी उन्होंने टीम को निराश नहीं किया। इस दौरे में उन्होंने दो हाफ सेंचुरी लगाई और इस तरह से भारतीय टीम की ओर अपना कदम बढ़ा दिया।

विश्व कप 2011 में युवराज सिंह के साथ टीम को निकाला संकट से बाहर : सुरेश रैना मिडिल ऑर्डर के जबर्दस्त बल्लेबाज और जबर्दस्त स्पिनर के साथ ही जबर्दस्त फील्डर भी हैं। उन्होंने अनेक बार टीम को संकट से निकाला। विश्व कप 2011 में युवराज सिंह के साथ ऐसे ही एक मैच में टीम को संकट से निकाला था। तीनो फार्मेट में शतक लगाने वाले पहले भारतीय बल्लेबाज रह चुके हैं। सबसे कम उम्र के भारतीय कप्तान होने का भी रिकार्ड सुरेश रैना के नाम है। उनकी कप्तानी में विराट कोहली, आर अश्विन जैसे खिलाड़ी खेल चुके हैं। सुरेश रैना के नाम रिकार्डों का अम्बार है। आईपीएल की तीन बार की विजेता चेन्नई सुपरकिंग्स के उपकप्तान भी हैं। सुरेश रैना धोनी के बहुत ही विश्वासपात्र खिलाड़ी हैं। इसका मुख्य कारण उनका आलराउंड प्रदर्शन है।

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