ईमानदारी से कहूँ तो अब मैं थक चुका था - एबी डी विलियर्स - क्रिकट्रैकर हिंदी

ईमानदारी से कहूँ तो अब मैं थक चुका था – एबी डी विलियर्स

2018 SA v India: South African national cricket team training session
AB de Villiers (Photo by Shaun Roy/Gallo Images/Getty Images)

एबी डी विलियर्स ने अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट से पूरी तरह सन्यास लेकर सभी को अच्मभित कर दिया है. अभी हाल में डी विलियर्स इंडियन प्रीमियर लीग का 11 वां सीजन रॉयल चेलेंजर्स बेंगलौर से खेल रहे थे लेकिन टीम के प्लेऑफ में नहीं पहुँचने के बाद वे अपने देश वापस चले गयें थे. जिसके बाद अब डी विलियर्स ने सन्यास की घोषणा करके ना सिर्फ अपने टीम के साथियों को एक गहरा झटका दिया है बल्कि फैन्स के लिए भी उन्होंने काफी बड़ा झटका आज का दिन में मिला है.

डी विलियर्स ने अपने सन्यास लेने के पीछे का कारण शरीर को बताते हुए जितना क्रिकेट अभी खेला जा रहा है उसके बाद वह सभी से सन्यास लेना चाहते है. डी विलियर्स ने 14 साल पहले उसी मैदान में गयें जहाँ से उन्होंने अपने क्रिकेट करियर की शुरुआत करी थी और सभी को ये अचम्भे में डालने वाला निर्णय बताया.

अपनी ऑफिशियल एप पर दी जानकारी

अपनी ऑफिशियल एप एबी17 पर डी विलियर्स ने अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट से सन्यास के बारे में घोषणा करते हुए बोला कि “हेलो ये टुक्स क्रिकेट क्लब है का हाई प्रोफेमन्स सेंटर है जहाँ से मैंने 14 साल पहले दक्षिण अफ्रीका के खेलना शुरू किया था और उस समय मैं काफी नर्वस था. आज उसी समय उसी जगह पर मैं सभी को ये जानकारी देना चाहता हूँ कि मैं अंतर्राष्ट्रीय क्रिक्के से पूरी तरह से अब सन्यास लेना चाहता हूँ. 114 टेस्ट मैच, 228 वनडे और 78 टी-20 मैच के बाद अब मैं और नहीं खेल साथ क्योंकि ईमानदारी से कहूँ तो अब मैं थक चुका हूँ.”

ये मेरे लिए कठिन निर्णय है

एबी डी विलियर्स ने बात स्वीकार करी कि ये मेरे लिए काफी कठिन निर्णय है लेकिन आपको विश्वास करना होगा क्योंकि ये निर्णय लेने के लिए यही सबसे सही समय है. डी विलियर्स भारत और ऑस्ट्रेलिया में मिली जीत से बेहद खुश थे और ये बात सही नहीं होगी कि कोई एक फॉर्मेट चुनकर मैं खेलूं.

“ये बेहद ही कठिन निर्णय है मैंने इसके बारे में काफी लम्बे समय तक सोचा और मुझे अब खेलने की जगह पर सन्यास लेना चाहिए भारत और ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सीरीज जीतने के बाद. अब ये बिल्कुल सही समय है. ये सही नहीं मेरे लिए कि मुझे किस फॉर्मेट में खेलना चाहिए या किस में नहीं अफ्रीका टीम के लिए. मेरे लिए ग्रीन और गोल्ड सब कुछ है नहीं तो कुछ भी नहीं. मैं अपने साथी खिलाड़ियों का आभारी हूँ साथ क्रिकेट साउथ अफ्रीका के स्टाफ का भी.”