
भारतीय अंडर-19 बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी ने आईसीसी अंडर-19 वर्ल्ड कप के फाइनल में ऐसा कारनामा कर दिखाया, जिसे लंबे समय तक याद रखा जाएगा। शुक्रवार, 6 फरवरी को इंग्लैंड के खिलाफ खेले गए फाइनल मुकाबले में वैभव ने मात्र 55 गेंदों में शतक जड़कर इतिहास रच दिया। यह अंडर-19 वर्ल्ड कप फाइनल का अब तक का सबसे तेज शतक है।
इस उपलब्धि के साथ वैभव अंडर-19 वर्ल्ड कप फाइनल में शतक लगाने वाले तीसरे भारतीय बल्लेबाज बन गए। उनसे पहले यह रिकॉर्ड उन्मुक्त चंद और मंजीत कालरा के नाम था। सिर्फ 14 साल की उम्र में वैभव ने जिस आत्मविश्वास और धैर्य के साथ यह पारी खेली, उसने सभी को प्रभावित किया।
संयम के बाद आक्रमण, वैभव की ऐतिहासिक पारी
फाइनल जैसे बड़े और दबाव भरे मुकाबले में वैभव ने शुरुआत संभलकर की। उछाल भरी पिच पर उन्होंने पहले पावरप्ले में गेंदबाजों को परखा और गैर-जरूरी जोखिम नहीं लिया। इसके बाद जैसे ही वह सेट हुए, उन्होंने गियर बदल दिया और इंग्लैंड के गेंदबाजों पर ज़ोरदार हमला बोल दिया।
खास तौर पर स्पिनर फरहान अहमद को वैभव ने निशाने पर लिया और उनके खिलाफ कई लंबे छक्के लगाए, जिनमें से एक गेंद स्टेडियम के बाहर जा गिरी। अपनी पारी के दौरान वैभव ने 8 चौके और 8 छक्के लगाए। उनकी विस्फोटक बल्लेबाजी की बदौलत भारत ने 22 ओवर के भीतर ही 200 रन का आंकड़ा पार कर लिया, जो अंडर-19 वर्ल्ड कप फाइनल में बेहद दुर्लभ है।
वैभव की पारी 80 गेंदों में 175 रन पर समाप्त हुई, जो फाइनल मुकाबले में बना अब तक का सबसे बड़ा व्यक्तिगत स्कोर भी है। वह 26वें ओवर में आउट हुए, लेकिन तब तक भारत मैच पर पूरी तरह पकड़ बना चुका था।
इससे पहले टूर्नामेंट में वैभव का प्रदर्शन औसत रहा था और उन पर गैर-जिम्मेदार शॉट खेलने के आरोप भी लगे थे। हालांकि, सेमीफाइनल में अफगानिस्तान के खिलाफ 68 रन की तेज पारी और फिर फाइनल में ऐतिहासिक शतक ने उन्होंने अपने आलोचकों को करारा जवाब दिया। बड़े मैचों में बड़ा प्रदर्शन करने की क्षमता ने वैभव सूर्यवंशी को भारतीय क्रिकेट का उभरता हुआ सितारा बना दिया है।