'मैंने एमएस धोनी को गले लगाया और उनके चारों ओर झंडा लपेट दिया' भारत की ऐतिहासिक 2011 विश्व कप जीत पर विराट कोहली - क्रिकट्रैकर हिंदी

‘मैंने एमएस धोनी को गले लगाया और उनके चारों ओर झंडा लपेट दिया’ भारत की ऐतिहासिक 2011 विश्व कप जीत पर विराट कोहली

कोहली ने कहा, 'मैंने उन सभी लोगों की भावनाओं को देखा जो इतने लंबे समय से वहां थे'।

MS Dhoni and Virat Kohli (Image Credit- Twitter)
MS Dhoni and Virat Kohli (Image Credit- Twitter)

भारतीय टीम ने महेंद्र सिंह धोनी की कप्तानी में 28 साल बाद साल 2011 में वनडे वर्ल्ड कप को अपने नाम किया था। विश्व कप की ये जीत हर भारतीय के दिल में बसी हुई है और जो भारतीय खिलाड़ी टीम का उस समय टीम का हिस्सा थे, वे शब्दों के जरिए इसे बयां नहीं कर सकते आखिर उनके लिए कितना  खास था यह पल। 28 साल बाद, भारत ने विश्व कप ट्रॉफी जीती और उस दिन करोड़ो लोगों के सपने पूरे हुए थे।

2011 विश्व कप जीत के बारे में सोचकर आज भी क्रिकेट में टीम इंडिया के प्रति प्यार देखते ही बनता है। यह एक ऐसा पल है जिसे आप कभी नहीं भूल सकते। और इस जीत की याद आज भी पूर्व भारतीय कप्तान और रन मशीन विराट कोहली के मन में बसी हुई है। कोहली ने अब इस विश्व कप में धोनी को लेकर अपनी एक पुरानी याद को साझा करते हुए बड़ी जानकारी दी है।

कोहली ने धोनी को लेकर कही ये बड़ी बात:

बता दें कि विश्व कप में अपनी यादों और आईसीसी रिव्यू पॉडकास्ट पर एमएस धोनी के साथ अपने संबंधों के बारे में बोलते हुए, विराट कोहली ने कहा ‘मैं अपने आस-पास के सभी लोगों को देख रहा था, मैं उस टीम में सबसे छोटा था। तो यह मेरे पहले विश्व कप का वह हिस्सा काफी वास्तविक था और हमने उस विश्व कप को जीत लिया।’

इसके अलावा चेज मास्टर कोहली ने कहा कि ‘मैंने उन सभी लोगों की भावनाओं को देखा जो इतने लंबे समय से वहां हैं। तुम्हें पता है, सचिन तेंदुलकर भावुक हो रहे हैं, युवराज सिंह, हरभजन सिंह, ये सभी लोग, और फिर एमएस ने शायद इन लोगों को पहले खेलते देखा है और अब वह उन्हें विश्व कप जीत की ओर ले जा रहे हैं।’

‘यह बस था, मैं सभी के साथ भावना देख सकता था, मुझे यह पल बहुत ईमानदार नहीं लगा। मैं समझ नहीं पा रहा था कि वे क्या महसूस कर रहे हैं क्योंकि मैं उस स्थिति में नहीं था। लेकिन पूरा पल इतना शक्तिशाली और बड़ा था कि मैं उस सारी भावना और उस सारी ऊर्जा के साथ खिंच गया। वह तस्वीर काफी खास है क्योंकि मेरे पास भारत का झंडा था और तब एमएस घूम रहे थे और मैंने बस उन्हें गले लगाया और झंडा उनके चारों ओर लपेट दिया।’

इसके अलावा कोहली ने खुलासा किया कि जब उन्होंने अपने अधिकांश साथियों को जीत (विश्व कप 2011) के बाद भावुक होते देखा तो वह उनकी भावनाओं को महसूस नहीं कर सकते थे क्योंकि वह अपने करियर की शुरुआत में थे। तेंदुलकर, युवराज सिंह और हरभजन सिंह जैसे खिलाड़ियों के लिए, ये जीत बहुत खास थी क्योंकि उन्होंने उस पल का हिस्सा बनने के लिए लगभग पूरे करियर का इंतजार किया था।