सचिन तेंदुलकर की एंट्री पर 'सचिन-सचिन' से गूंजा वानखेड़े स्टेडियम; रौंगटे खड़े कर देगा यह वीडियो

सचिन तेंदुलकर की एंट्री पर ‘सचिन-सचिन’ से गूंजा वानखेड़े स्टेडियम; रौंगटे खड़े कर देगा यह वीडियो

वानखेड़े स्टेडियम की 50वीं वर्षगांठ के भव्य समारोह के दौरान जब सचिन तेंदुलकर मैदान पर आए, तो पूरे स्टेडियम में ‘सचिन... सचिन!’ के नारों की गूंज सुनाई दी।

Sachin Tendulkar (Source X)
Sachin Tendulkar (Source X)

Sachin Tendulkar: मुंबई के ऐतिहासिक वानखेड़े स्टेडियम ने आज 19 जनवरी को 50 साल पूरे कर लिए। वानखेड़े की 50वीं वर्षगांठ के अवसर पर मुंबई क्रिकेट एसोसिएशन ने एक सप्ताह तक विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया था। इसके साथ ही 19 जनवरी, रविवार को वानखेड़े स्टेडियम में एक भव्य कार्यक्रम संपन्न हुआ।

इस अवसर पर क्रिकेट के दिग्गजों ने शिरकत की, जिनमें सुनील गावस्कर, दिलीप वेंगसरकर, रवि शास्त्री, सचिन तेंदुलकर, अजिंक्य रहाणे, रोहित शर्मा और सूर्यकुमार यादव शामिल थे।

सचिन तेंदुलकर की एंट्री पर ‘सचिन-सचिन’ के नारों से गूंज उठा स्टेडियम 

भारत के महानतम बल्लेबाजों में से एक और पूर्व कप्तान, सचिन तेंदुलकर ने अपने करियर की शुरुआत वानखेड़े स्टेडियम से की थी। अपने शुरुआती दौर के अधिकतर मैच उन्होंने इसी ऐतिहासिक मैदान पर खेले।

वानखेड़े स्टेडियम की 50वीं वर्षगांठ के भव्य समारोह के दौरान जब सचिन तेंदुलकर मैदान पर आए, तो पूरे स्टेडियम में ‘सचिन… सचिन!’ के नारों की गूंज सुनाई दी। सचिन ने हाथ जोड़कर दर्शकों के इस प्यार भरे स्वागत का आभार व्यक्त किया। यह वीडियो सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रहा है। आप भी देखें वह झलक।

मुंबई इंडियंस ने साझा किया खास वीडियो

मुंबई इंडियंस ने इस यादगार पल का एक वीडियो साझा किया, जिसमें सचिन के वानखेड़े में बिताए पलों का एक खास कोलाज दिखाया गया।

सचिन ने बताया, क्यों वानखेड़े में खेला आखिरी अंतरराष्ट्रीय मैच

समारोह के दौरान सचिन तेंदुलकर ने वानखेड़े स्टेडियम के प्रति अपने प्रेम को व्यक्त किया और यह भी बताया कि उन्होंने नवंबर 2013 में अपना आखिरी अंतरराष्ट्रीय मैच यहीं क्यों खेलने की इच्छा जताई थी।

उन्होंने कहा, “मैं चाहता था कि मेरा आखिरी मैच मुंबई में हो, और इसके पीछे एक खास वजह थी। उस समय मेरी मां की तबीयत ठीक नहीं थी और वह सिर्फ वानखेड़े तक ही यात्रा कर सकती थीं। मैं चाहता था कि वह खुद देखें कि मैं इतने सालों से पूरी दुनिया में क्यों घूमता रहा और जिस खेल से मुझे प्यार है, उसके लिए खेलता रहा। सौभाग्य से बीसीसीआई ने मेरी इस इच्छा को स्वीकार किया।”

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